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साहित्य, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के संवर्धन को समर्पित इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ़ एथिक्स (आईएएफ) ने बहाई हाउस, सेक्टर-8, चंडीगढ़ में एक गरिमामय साहित्यिक समारोह का आयोजन किया, जिसमें विचारों की गहराई, काव्य की संवेदना और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण किया गया, जिनमें कनाडा से आए लेखक अशोक के. भार्गव की काव्य कृति ‘भीतर और पार की यात्राएं; रवींद्र टंडन की ‘माई इमेजेज़ हैव बोल्टेड एंड अदर पोएम्स’ तथा रूपा राव की ‘ए पोएटिक ओडिसी: ए बायोग्राफी ऑफ़ डॉ. जरनैल एस. आनंद’ शामिल हैं।

समारोह में इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ़ एथिक्स के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जरनैल सिंह आनंद ने अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि रीडर्स एंड राइटर्स सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट विनोद खन्ना रहे, जबकि ‘सलाहियत’ के चीफ एडिटर डॉ. सुनील भाटिया तथा चंडीगढ़ के बहाईज़ की लोकल स्पिरिचुअल असेंबली के चेयरमैन प्रो. अनिल सरवाल गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार साझा किए और आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम में एनआरआई लेखक अशोक कुमार भार्गव, जो राइटर्स इंटरनेशनल नेटवर्क के प्रमुख भी हैं, की पुस्तक ‘भीतर और पार की यात्राएं (लद्दाख की कविताएं)’ समीक्षात्मक प्रस्तुति विनोद खन्ना ने की। वहीं, रवींद्र टंडन की पुस्तक ‘माई इमेजेज़ हैव बोल्टेड एंड अदर पोएम्स’ का विश्लेषण प्रो. अनिल सरवाल ने प्रस्तुत किया तथा रूपा राव की पुस्तक ‘ए पोएटिक ओडिसी: ए बायोग्राफी ऑफ़ डॉ. जरनैल एस. आनंद’ की समीक्षात्मक प्रस्तुति कार्यक्रम की मॉडरेटर प्रो. मंजू चौहान ने की।
इस अवसर पर इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ़ एथिक्स ने साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए श्री अशोक कुमार भार्गव और डॉ. सुनील भाटिया को ‘रोल ऑफ़ ऑनर’ से सम्मानित किया।
आईएएफ ने श्री विनोद खन्ना, प्रो. अनिल सरवाल, श्री रवींद्र टंडन तथा कार्यक्रम की मॉडरेटर प्रो. मंजू चौहान को भी एक विशेष एकेडमी अवॉर्ड ‘किंड्रेड स्पिरिट्स’ से सम्मानित किया।
यह आयोजन रीडर्स एंड राइटर्स सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ के बहाई समाज की लोकल स्पिरिचुअल असेंबली की सक्रिय भागीदारी से आयोजित किया गया। रीडर्स एंड राइटर्स सोसाइटी की उपाध्यक्ष श्रीमती रश्मि शर्मा और सेक्रेटरी डॉ. वीर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।