#bnnindianews भारतीय स्टेट बैंक, चंडीगढ़ मंडल ने आज सेक्टर-26, पंचकूला में अपनी डिजिटल बैंकिंग यूनिट (डीबीयू) का उद्घाटन कर डिजिटल बैंकिंग की दिशा में एक अहम कदम उठाया। इसके साथ ही बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत पंजाब विश्वविद्यालय को 32-सीटर बस भेंट कर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया।
डिजिटल बैंकिंग यूनिट का उद्घाटन भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक (खुदरा व्यापार एवं संचालन) राम मोहन राव अमरा ने एसबीआई चंडीगढ़ मंडल के मुख्य महाप्रबंधक कृष्ण शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया।
यह डिजिटल बैंकिंग यूनिट 24×7 स्वयं-सेवा सुविधाओं से युक्त एक अत्याधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित शाखा है, जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थापित किया गया है। इसमें कागज-रहित, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह इकाई ग्राहकों को न्यूनतम नकद लेन-देन के साथ बैंकिंग सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला तक त्वरित और सहज पहुंच उपलब्ध कराएगी।
इसके साथ ही यह यूनिट वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा जागरूकता केंद्र के रूप में भी कार्य करेगी, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बैंक को उम्मीद है कि इस पहल से ग्राहकों की सुविधा में वृद्धि होगी, सेवा गुणवत्ता बेहतर होगी और पारंपरिक शाखाओं पर निर्भरता कम होगी।
सामुदायिक कल्याण की दिशा में एक और कदम उठाते हुए, भारतीय स्टेट बैंक ने पंजाब विश्वविद्यालय के खेल निदेशालय को छात्र एथलीटों के सुरक्षित और सुचारु परिवहन के लिए 32-सीटर बस भेंट की। यह सीएसआर कार्यक्रम पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की कुलपति रेणु विग की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
ये दोनों पहलें डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भारतीय स्टेट बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो समावेशी एवं सतत विकास के उसके व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप।