#bnnindianews
पंजाब के राज्यपाल ने “पंजाब : वेयर कल्चर , हेरिटेज एंड नेचर ब्रीदस” थीम पर आधारित चित्रात्मक कैलेंडर 2026 का विमोचन किया
कैलेंडर 2026 का संकलन राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब द्वारा किया गया
चंडीगढ़, 31 दिसंबर 2025: आज माननीय पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में “पंजाब : वेयर कल्चर , हेरिटेज एंड नेचर ब्रीदस” (पंजाब: जहाँ संस्कृति, विरासत और प्रकृति सांस लेते हैं) थीम पर आधारित राज्य पंजाब के लिए चित्रात्मक कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। इस कैलेंडर की परिकल्पना एवं संकलन राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब, श्री हरप्रीत संधू द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता और परिश्रम के साथ किया गया है। यह कैलेंडर पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पवित्र धार्मिक धरोहर, जीवंत कृषि परंपरा तथा निर्मल प्राकृतिक सौंदर्य का एक सजीव और समग्र दृश्यात्मक चित्रण प्रस्तुत करता है।
कैलेंडर का विमोचन करते हुए पंजाब के राज्यपाल ने राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब श्री हरप्रीत संधू द्वारा पंजाब के प्रचार-प्रसार हेतु उठाए गए इस महत्वपूर्ण प्रयास की सराहना की और कहा कि यह दृश्यात्मक दस्तावेज सांस्कृतिक चेतना के निर्माण, विरासत से जुड़ाव को सुदृढ़ करने तथा वर्ष 2026 के दौरान पंजाब की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब श्री हरप्रीत संधू ने कहा कि उन्होंने पंजाब राज्य के लिए कैलेंडर 2026 का संकलन इस उद्देश्य से किया है कि यह नागरिकों, पर्यटकों और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने, ताकि वे पंजाब की गौरवशाली विरासत से पुनः जुड़ें तथा प्रकृति और कृषि के साथ इसके संबंध का सम्मान कर सकें।
पंजाब के राज्यपाल के संरक्षण में संकलित इस कैलेंडर का प्रत्येक माह कला, विरासत, कृषि, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक शांति का एक सामंजस्यपूर्ण संगम प्रस्तुत करता है, जिसे प्रभावशाली दृश्यों के माध्यम से दर्शाया गया है और जो पंजाब की आत्मा को परिभाषित करता है। इस कैलेंडर में पंजाब के राज्यपाल का एक सार्थक संदेश भी सम्मिलित है।
उल्लेखनीय है कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (अमृतसर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुधियाना) तथा पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) के कुलपतियों ने इस कैलेंडर के प्रति अपनी स्वीकृति और समर्थन व्यक्त किया है, जो पंजाब की सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।