गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर गुरूवाणी का मनोहर कीर्तन कर संगत हुई निहाल

~दरस तेरे की प्यास मन्न लागी…~

चण्डीगढ़ : गुरुद्वारा श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब, सेक्टर 34 में पातशाही पहली धन-धन श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश गुरपुरब को समर्पित श्रद्धा पूर्वक 31 अक्टूबर से चल रहे लड़ीवार गुरमत समागम में सिख पंथ के अनेक हुजूरी रागियों व ख्यात कीर्तनियों ने शब्द गुरबाणी जी की अमृत वर्षा की। आज मुख्य कार्यक्रम हुआ, जिसमें सवेरे से लेकर देर रात तक श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के अखंड पाठ, अरदास व शब्द कीर्तन गायन का सिलसिला चलता रहा। सुख समृद्धि की अरदास कराई गई। सारा दिन अटूट लंगर भी बरताया गया। इस दौरान भाई लखविंदर सिंह जी ने भी ने गुरूवाणी का मनोहर कीर्तन कर संगतों को निहाल किया। उन्होंने गुरु नानकु जिन सुणिया पेखिआ, दरस तेरे की प्यास मन्न लागी, झिम-झिम बरसे अमृत धारा व अबकी बार बख्श बन्दे को आदि शब्दों का अपनी मधुर वाणी जरिए कीर्तन गायन करके खूब रस वर्षा की। श्री गुरुद्वारा साहिब जी में पौ फटने से लेकर मध्यरात्रि तक संगतों का तांता लगा रहा।

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