#bnnindianews. 96 वर्षीय वृद्ध महिला की लिवासा अस्पताल, नवांशहर में कलाई की जटिल फ्रैक्चर सर्जरी हुई
नवांशहर: 96 वर्षीय वृद्ध महिला की कलाई की लिवासा अस्पताल, नवांशहर में जटिल फ्रैक्चर सर्जरी सफलता पूर्वक की गई। गिरने के बाद वृद्ध महिला की कलाई में इंट्रा-आर्टिकुलर डिस्टल रेडियस फ्रैक्चर हो गया था, जो उम्र, गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस , फ्रैक्चर के कई टुकड़ों में बंट जाने और जोड़ों की समस्या के कारण और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
वरिष्ठ सलाहकार-एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर, डॉ समीर शर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया रीजनल एनेस्थीसिया के तहत की गई, जिसमें सुप्रो क्लेविकुलर और एक्सिलरी नर्व ब्लॉक का संयुक्त उपयोग किया गया। इससे मरीज पूरी तरह से होश में रहते हुए सर्जरी करा सकता है व बुजुर्ग मरीजों में जनरल एनेस्थीसिया से जुड़े ऑपरेशन के दौरान के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
सलाहकार ऑर्थो डॉ आकाशदीप सिंह ने बताया कि उपचार रणनीति का मुख्य लक्ष्य शीघ्र पुनर्वास और कलाई की कार्यक्षमता को बहाल करना था।
ऑपरेशन के दौरान प्राप्त स्थिर फिक्सेशन को देखते हुए, सर्जरी के अगले ही दिन से कलाई को गतिशील बनाने के व्यायाम शुरू कर दिए गए। ऑपरेशन के बाद की अवधि में मरीज ने संतोषजनक सुधार दिखाया और तीन दिनों के भीतर ही मरीज को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ आकाशदीप ने बताया कि इस मामले में हमारा मुख्य उद्देश्य केवल फ्रैक्चर को ठीक करना नहीं था, बल्कि मरीज का आत्मविश्वास और फंक्शनल इंडिपेंडेंस बहाल करना भी था।