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चंडीगढ़,
सुधीर रीमा दीवान फाउंडेशन ने टैगोर थिएटर में अपना दूसरा चैरिटी फंडरेज़र आयोजित किया, जिसमें मशहूर रॉक बैंड इंडियन ओशन ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय फ्यूजन संगीत के अग्रणी इस बैंड ने रॉक, शास्त्रीय, फोक और जैज़ के अनूठे संगम से कार्यक्रम को खास बना दिया।
फाउंडेशन की स्थापना एक प्रेरणादायक व्यक्तिगत विरासत से जुड़ी है। लिवर ट्रांसप्लांट प्राप्तकर्ता स्वर्गीय सुधीर दीवान ने 17 वर्षों तक 250 से अधिक लोगों को नया जीवन दिलाने में योगदान दिया। उनके इसी समर्पण से प्रेरित होकर, मोहन फाउंडेशन के सहयोग से रीमा दीवान और दिव्या दीवान मेहता के नेतृत्व में एसआरडीएफ की स्थापना की गई।

अपने पहले ही वर्ष में फाउंडेशन ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। एसआरडीएफ द्वारा 206 से अधिक अंगदान जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिनसे 2500 से अधिक लोगों ने राष्ट्रीय रजिस्ट्र्री में प्रतिज्ञा दर्ज कराई। इसके अलावा 16,000 से अधिक लोगों को अंगदान के महत्व के बारे में शिक्षित किया गया। संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर ट्रांसप्लांट मरीजों को महंगी पोस्ट-ट्रांसप्लांट दवाओं तक पहुंच सहित महत्वपूर्ण सहायता भी प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान मैनेजिंग ट्रस्टी रीमा दीवान ने कहा कि इंडियन ओशन का यह कॉन्सर्ट “म्यूजिक विद पर्पज़” का प्रतीक है, जो समाज के वंचित वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने और बचाने के लिए एक बढ़ता हुआ अभियान है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिदिन औसतन 49 लोग अंग की प्रतीक्षा में अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि हर 10 मिनट में एक नया मरीज प्रतीक्षा सूची में जुड़ जाता है।
एसआरडीएफ ने अपने सभी स्वयंसेवकों, समर्थकों और दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास भले ही समुद्र में एक बूंद के समान हो, लेकिन हर बूंद का महत्व है। संस्था ने महान समाजसेवी मदर टेरेसा के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि “समुद्र उस एक बूंद के बिना भी अधूरा है।”