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चंडीगढ़ – नर्सिंग विभाग, जीएमसीएच चंडीगढ़ ने “सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं” थीम के साथ अंतरराष्ट्रीय नर्स सप्ताह-2026 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम आधुनिक नर्सिंग पेशे की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया, जिनका जन्म 12 मई 1820 को हुआ था।
इस सप्ताह का उद्घाटन 6 मई 2026 को निदेशक प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर बेदी द्वारा किया गया। उन्होंने जीएमसीएच की नर्सों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। 6 मई से 12 मई तक ओपीडी क्षेत्र में आम जनता के लिए हेल्प डेस्क लगाए गए, जहां लगभग 700 मरीजों और उनके परिजनों की विभिन्न समस्याओं और प्रश्नों में सहायता की गई। लगातार पांच दिनों तक “अंगदान” जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
7 मई को नर्सिंग अधीक्षक सुश्री अमनवीर कौर के मार्गदर्शन में नर्सिंग पेशेवरों के लिए “कम्पैशन फटीग” विषय पर सीएनई कार्यक्रम आयोजित किया गया। 8 और 9 मई को नर्सिंग विभाग द्वारा “बेस्ट वार्ड प्रतियोगिता” आयोजित की गई। 11 मई को थीम आधारित कविता प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें नर्सिंग पेशेवरों ने अपनी रचनात्मकता और भावनाओं को साझा किया।
12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स सप्ताह-2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर बेदी और विशिष्ट अतिथि चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विशाल गुगलानी उपस्थित रहे। नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती अमनवीर कौर ने सभी का स्वागत किया और कहा कि “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य : सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं” केवल एक नारा नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ को मजबूत करने का वैश्विक आह्वान है।
उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की “स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स नर्सिंग (SOWN) रिपोर्ट-2025” का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा नर्सों का है और वे मरीजों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण देखभाल तथा स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं। रिपोर्ट का स्पष्ट संदेश है कि “जब तक नर्सें मजबूत नहीं होंगी, तब तक स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत नहीं हो सकती।”
उन्होंने कहा कि शोध बताते हैं कि नर्सों के कार्यभार में प्रत्येक अतिरिक्त मरीज अस्पताल मृत्यु दर को 7 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। वहीं बेहतर नर्स स्टाफिंग और सशक्त नर्सिंग वातावरण वाले अस्पतालों में मरीजों की मृत्यु दर, संक्रमण, दवा संबंधी त्रुटियां और अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है। सहायक नेतृत्व और पेशेवर सशक्तिकरण से नर्सों की कार्य संतुष्टि, टीमवर्क और मरीजों की संतुष्टि में भी सुधार होता है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विशाल गुगलानी ने नर्सिंग विभाग को अंतरराष्ट्रीय नर्स सप्ताह की बधाई दी और क्लीनिकल कार्यों में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग की सराहना की। निदेशक प्राचार्य प्रो. रवनीत कौर बेदी ने भी नर्सिंग पेशेवरों को बधाई देते हुए पूरे समर्पण के साथ सेवाएं देने और सप्ताहभर आयोजित शैक्षणिक गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी बधाई दी।
नर्सिंग अधिकारी सुश्री वेदा कुमारी ने सप्ताहभर की गतिविधियों और वर्षभर की उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने “मेल सर्जिकल वार्ड” को बेस्ट वार्ड घोषित किया। जीएमसीएच के लिए यह गर्व का क्षण रहा कि नर्सिंग अधिकारी सुश्री पूनम वर्मा को 12 मई 2026 को भारत की राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित “नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें विभिन्न राज्यों की नर्सिंग अधिकारियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर भारत की विविध संस्कृति को प्रदर्शित किया। पुरस्कार वितरण समारोह और प्रतिभागियों का सम्मान कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समारोह का समापन हुआ।