युवा वर्ग द्वारा धर्म के मार्ग पर चलकर समाजसेवा करने के कार्य करना अत्यंत सराहनीय व अनुकरणीय है : सौरभ जोशी

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मेयर सौरभ जोशी ने श्री शिव महापुराण कथा के लिए किया भूमि पूजन चण्डीगढ़ : ओम महादेव कावड़ सेवा दल, चण्डीगढ़ द्वारा सेक्टर–34 स्थित मेला ग्राउंड में 7 फ़रवरी से कराई जाने वाली श्री शिव महापुराण कथा के लिए कथा स्थल पर पर आज विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मेयर सौरभ जोशी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सोनाक्षी नंदगिरी जी महाराज एवं बाबा हरजीत सिंह रसूलपुरिया जी (अयोध्या लंगर वाले) की विशेष गरिमामयी उपस्थिति रही। संत-महात्माओं के सान्निध्य में भूमि पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
सौरभ जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शहर के युवा जिस प्रकार धर्म के मार्ग पर चलकर समाजसेवा कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। कन्या विवाह, प्रतिदिन भंडारा एवं धार्मिक आयोजनों जैसे कार्य समाज को एक नई दिशा देते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे सभी धार्मिक और सामाजिक कार्यों में वे सदैव इन युवाओं के साथ खड़े रहेंगे।

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वहीं महामंडलेश्वर सोनाक्षी नंदगिरी जी महाराज एवं बाबा हरजीत सिंह रसूलपुरिया जी ने कहा कि वर्तमान समय में देश और धर्म को समर्पित युवाओं की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने ओम महादेव कावड़ सेवा दल द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए समाज हित में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने का संकल्प लिया।
इस भव्य कार्यक्रम में ओम महादेव कावड़ सेवा दल की टीम से गौरव श्रीवास्तव, नरेश गर्ग, हनी गुलाटी, सोनू गर्ग, अभिषेक, मनोहर लाल, अनिल, अशोक, रिंकू जैन, मोहित, शेर सिंह ठाकुर, पुनीत गोयल सहित संस्था के अनेक सदस्यगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।

उल्लेखनीय है कि ओम महादेव कांवड़ सेवा दल, चण्डीगढ़ के तत्वावधान में शिव महापुराण कथा-6 का भव्य आयोजन सेक्टर 34 स्थित मेला ग्राउंड में किया जा रहा है जिसमें वृंदावन से पूज्य बाबा चित्र-विचित्र जी महाराज कथा व्यास होंगे। इस धार्मिक आयोजन के अंतर्गत 7 फ़रवरी को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो सेक्टर-45 से सेक्टर-34 तक जाएगी। इस कलश यात्रा में देश के विभिन्न अखाड़ों से पधारे अनेक धर्मगुरु, संत-महात्मा एवं साधु-संत अपनी पावन उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाएँगे। साथ ही कथा के अंतिम दिन 15 फरवरी को 11 कन्याओं का सामूहिक विवाह भी विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।

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