चंडीगढ़ गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आज स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा टैगोर थिएटर, सेक्टर-18, चंडीगढ़ में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रही, जिसमें देश की एकता, सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर एच. राजेश प्रसाद, मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रेरणा पुरी, सचिव शिक्षा; नितीश सिंगला, निदेशक स्कूल शिक्षा; राजीव तिवारी, निदेशक जनसंपर्क, सहित शिक्षा विभाग एवं चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को रामायण पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुति से लेकर नारी सशक्तिकरण जैसे सामाजिक विषयों पर आधारित विचारोत्तेजक कार्यक्रम देखने को मिले, जिन्होंने भारत की आत्मा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल द्वारा प्रस्तुत नाटिका में शिक्षा के महत्व को दर्शाते हुए यह प्रभावी रूप से बताया गया कि भारत का संविधान राष्ट्र की जड़ों को सुदृढ़ बनाता है। “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” की थीम ने पूरे कार्यक्रम में गहन राष्ट्रभक्ति का संचार किया। प्रत्येक प्रस्तुति में देशप्रेम और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए बधाई दी। उन्होंने भारत के संविधान के महत्व एवं उसकी विशिष्ट विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र, एकता एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का उल्लेख करते हुए “विकसित भारत 2047” को स्वतंत्रता की शताब्दी वर्ष तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का राष्ट्रीय संकल्प बताया।
कार्यक्रम राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव तथा प्रगतिशील भारत के सामूहिक संकल्प की अमिट छाप छोड़ते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।