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चंडीगढ़, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ द्वारा अटल स्मृति वर्ष मनाया जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के सभी पदाधिकारी, जिलों के पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के इंचार्ज, प्रकोष्ठों एवं विभागों के इंचार्ज बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष भारत कुमार ने की, जबकि मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी रहे।
कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर नरेश पांचाल एवं उनकी टीम के सभी पांच सदस्य कार्यशाला में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शक्ति प्रकाश देवशाली एवं पार्षद महेश इंद्र सिद्धू ने भी अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई एक दूरदर्शी राजनेता थे, जिन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर अग्रसर किया। उनके सुशासन की विरासत में पोखरण द्वितीय परियोजना, युद्धकाल में सशक्त नेतृत्व तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियां शामिल हैं। उनकी विरासत को सम्मान देने और नागरिकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से संवाद, संस्कृति और शासन-केंद्रित पहलों के माध्यम से एक व्यापक अभियान प्रस्तावित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 25 सितंबर भारतीय राजनीति और जनमानस के लिए सुशासन के अटल दिवस के रूप में जाना जाता है। अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी सौम्यता, सहजता और समर्पण से करोड़ों भारतीयों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। देश उनके योगदान के प्रति कृतज्ञ है। जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा उनकी राजनीतिक यात्रा और सुशासन में योगदान को लेकर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि बूथ स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठित कर पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा अटल बिहारी वाजपेई की विरासत के संरक्षक के रूप में पार्टी की भूमिका को सुदृढ़ किया जाएगा।
घोषित कार्यक्रमों के अनुसार:
24 दिसंबर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा पर फूल माला अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उसी दिन शाम को प्रतिमाओं के समक्ष तथा प्रदेश एवं जिला भाजपा कार्यालयों में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
25 से 31 दिसंबर के बीच सभी जिलों में अटल समृद्धि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तीन वक्ता अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व एवं उपलब्धियों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे।
पार्टी कार्यालयों, स्थानीय निकायों एवं सार्वजनिक स्थलों पर सात दिवसीय अटल स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
सभी नगर निगमों एवं नीति अनुसंधान संस्थानों में सुशासन सम्मेलन आयोजित होंगे।
चौक, चौराहों एवं उद्यानों का नामकरण अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर करने तथा अटल वन हेतु समर्पित योजना की घोषणा का प्रस्ताव रखा गया।
जिला स्तर पर कवि सम्मेलन, चित्रकला, ग्राफिक्स, प्रश्नोत्तरी, रंगोली, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में शशि शंकर तिवारी एवं अवि भसीन ने सभी उपस्थितजनों का धन्यवाद किया।