#bnnindianews चंडीगढ़। पंजाब हरियाणा बंटवारे के समय चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में हुआ था। इसमें 60 प्रतिशत हिस्सा पंजाब और 40 प्रतिशत हरियाणा को मिला था। अगर केंद्र सरकार हरियाणा को 40 प्रतिशत हिस्से के हिसाब से एक लाख करोड़ रुपये दे तो हरियाणा नई राजधानी बसा लेगा। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पूछे गए सवाल के जवाब में कही।
उनसे सवाल किया गया था कि सांसद मनीष तिवारी ने पिछले दिनों यह बात कही है कि चंडीगढ़ पर निर्णय के लिए आयोग बने उसकी सिफारिशें लागू नहीं हुई। कुछ गांवों के तबादले पर मामला फंस गया। अगर उस समय बात आगे बढ़ती तो चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी होती और विवाद खत्म हो जाता। इस सवाल पर रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जब दो भाइयों का बंटवारा होता है तो कोई भी अपना हिस्सा बिना हिसाब के नहीं छोड़ता। पंजाब और हरियाणा का 60:40 अनुपात का हिस्सा है। अगर हरियाणा अपना हिस्सा छोड़ता है तो मोदी सरकार को इसके बदले में एक लाख करोड़ रुपये हरियाणा को देने चाहिए। अलग विधानसभा की जमीन मामला भी लटका हरियाणा ने नई विधानसभा के लिए रेलवे लाइट प्वाइंट से आइटी पार्क रोड पर दस एकड़ जमीन मांगी थी। काफी दिनों तक इस मुद्दे पर चर्चा हुई। लेकिन अब केंद्र सरकार ने ही विवाद बढ़ते देख मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हरियाणा 2026 में परिसीमन को देखते हुए मौजूदा विधानसभा में पंजाब से अतिरिक्त कमरे और चंडीगढ़ में नई विधानसभा के लिए जमीन मांग रहा है। इस मामले में पंजाब के सभी दलों और नेता शुरू से विरोध करते रहे हैं।
चंडीगढ़ का भी दिल्ली जैसा हाल, यहां भी एक्यूआइ 300 पार
केवल दिल्ली ही नहीं अब सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ भी प्रदूषण की गंभीर चपेट में है। यहां भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का स्तर 300 को पार कर रहा है। अब पूरे देश में मेडिकल इमरजेंसी घोषित करने की स्थिति है। यह बात कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने चंडीगढ़ कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में कही। सुरजेवाला ने कहा कि प्रदूषण में दम घुट रहा है। दिल्ली में तो खुली हवा सांस लेने लायक बची ही नहीं है।
चंडीगढ़ जैसे खुले और ग्रीन शहर में भी एक्यूआइ 300 के पार पहुंचना चिंता का विषय है। केंद्र सरकार हालात काबू करने में विफल है। सरकार को चाहिए कि देश में मेडिकल इमरजेंसी घोषित करे। सुरजेवाला ने कहा कि वह चंडीगढ़ में पढ़े यहीं रहे। लंबा समय यहां बिताया इसलिए शहर को अच्छे से समझते जानते हैं। इस शहर में प्रदूषण का ऐसा स्तर कभी नहीं देखा। अब यह शहर भी प्रदूषण के नए रिकार्ड बना रहा है। जो बेहद चिंता की बात है।