चंडीगढ़। पंजाब कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक सर्वेक्षण ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडि़ंग को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस का सबसे लोकप्रिय बताया है। चार बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंचों से मिले एक आंतरिक सर्वेक्षण में सभी ने यही कहा कि वडि़ंग पार्टी के सबसे मज़बूत नेता बनकर सामने आ रहे हैं।
इन मंचों चैटजीपीटी, परप्लेक्सिटी, गूगल जेमिनी और एक्स-एआई के ग्रॉक ने अपने अलग-अलग तरीकों से सर्वे करने के बाद, वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तुलना में वडि़ंग को आगे रखा। यह एक दुर्लभ स्थिति है जब सभी डिजिटल जांच एक ही निष्कर्ष पर पहुंची हों। यह ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी से मिली हार के बाद फिर से मज़बूत होने की कोशिश कर रही है।
इन सभी मंचों ने राजनीतिक चर्चा, समाचारों में दिखाई देने वाले रुझान और समाज-माध्यमों पर लोगों की प्रतिक्रिया को देखा। चैटजीपीटी की रिपोर्ट में कहा गया कि वडि़ंग की मज़बूत पकड़ और लगातार उपस्थिति उन्हें बढ़त देती है, जबकि बाजवा को उनके विधायी अनुभव के लिए सराहा गया।
परप्लेक्सिटी ने वडि़ंग को सबसे सक्रिय और प्रभावी ज़मीनी नेता बताया और उन्हें पहला स्थान दिया। बाजवा को दूसरा और चन्नी को तीसरा बताया गया, जिन्हें वह लोकप्रिय तो मानता है, पर इस समय कम प्रभावी मानता है। गूगल जेमिनी ने भी रणनीति, संगठन पर पकड़ और जनता के बीच उपस्थिति के आधार पर वडि़ंग को सबसे आगे बताया। उसके अनुसार बाजवा काफी पीछे हैं और इस समय चन्नी के लिए बहुत कम स्थान है।
ग्रॉक ने अपने स्पष्ट अंदाज़ में समाज-माध्यमों की गतिविधियों पर आधारित एक “भावना सर्वेक्षण” रखा जिसमें वडि़ंग 46 प्रतिशत, बाजवा 32 प्रतिशत, चन्नी 18 प्रतिशत और अन्य 4 प्रतिशत पर दिखे। इसमें कहा गया कि युवा वर्ग और समाज-माध्यमों पर चर्चा “स्पष्ट रूप से वडि़ंग के पक्ष” में है।
वडि़ंग वर्ष 2023 से प्रदेश अध्यक्ष हैं और 2017 में गिदड़बाहा से विधायक रहे हैं और अब लुधियाना से सांसद हैं। उन्होंने सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है और इससे संगठन पर उनकी पकड़ और बढ़ी है।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनके काम पर कई बार संतोष जताया है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद, जब पंजाब की 13 में से 7 सीटें कांग्रेस को मिलीं। प्रताप सिंह बाजवा, जो नेता प्रतिपक्ष हैं और बहुत अनुभवी हैं, अपनी विधायी समझ और लम्बे राजनीतिक अनुभव के लिए सम्मानित हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच उन्हें दूसरा स्थान देते हैं और मानते हैं कि वे विधानसभा में आम आदमी पार्टी सरकार को चुनौती दे सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अब भी, विशेषकर दलित समाज में, लोकप्रिय हैं, परन्तु वर्ष 2022 की हार और कुछ आन्तरिक विवादों के कारण उनका असर कम हुआ है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच उन्हें कुछ क्षेत्रों में प्रभावशाली मानते हैं, पर वर्ष 2027 के लिए मुख्य चेहरा नहीं बताते।