आज श्री मानस मंदिर में आयोजित रक्तदान शिविर में 50 भक्तजनों ने रक्तदान कर मानव सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही, “हर स्वांस श्री नंगली वाले के नाम” संत सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश भर से पधारे संत महापुरुषों ने मुक्ति मार्ग पर अपने विचार प्रकट किए।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में संत हरि अमोलनंद जी, संत संतोष प्रेमानंद जी (छपरा विहार), बाई गुरु सेवानंद पूरी (पंचकूला), बाई धर्म प्रेमानंद जी (पानीपत), संगीतकार विकी गावा (लुधियाना), और श्री भाटिया (जालंधर) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
संत संतोष प्रेमानंद जी ने श्री परमहंस दयाल जी महाराज के जीवन चरित्र पर सत्संग करते हुए बताया कि मनुष्य के जीवन का कल्याण संतों की सेवा से ही हो सकता है और मानव सेवा सबसे उत्तम सेवा है।
इस अवसर पर भजनों की प्रस्तुति ने समा बांध दिया, जिससे उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।