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पंचकूला, 2 नवम्बर (): अरावली इंटरनेशनल स्कूल, पंचकूला में चल रहे तीन दिवसीय नाट्य उत्सव ‘महाभारत’ का समापन शनिवार को एक भव्य और मनमोहक प्रस्तुति ‘कुरुक्षेत्र का महान युद्ध’ के साथ हुआ। विद्यालय के एम्फीथिएटर में हुए इस अंतिम अध्याय ने दर्शकों को महाकाव्य की गहराइयों और जीवन दर्शन से रूबरू कराया।
छात्रों ने मंच पर पांडवों और कौरवों के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध की गाथा को जीवंत कर दिया। प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण के गीता उपदेश, अभिमन्यु का चक्रव्यूह में वीरतापूर्ण संघर्ष, कर्ण का आत्मबलिदान और दुर्योधन का पतन जैसे प्रसंगों को अत्यंत प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और भावनात्मक गहराई के साथ अभिनय किया, उसने दर्शकों के हृदय को छू लिया।
पूरे मंचन में संगीत, नृत्य और प्रकाश व्यवस्था का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। आकर्षक परिधानों, प्राचीन काल की झलक देते मंच साज-सज्जा और जीवंत संवादों ने इस प्रस्तुति को एक ऐतिहासिक अनुभव में बदल दिया। दर्शक मानो स्वयं कुरुक्षेत्र की रणभूमि में उपस्थित हो गए हों।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश शांति, धर्म और आत्मचिंतन पर आधारित रहा। नाटक ने यह स्मरण कराया कि धर्म और अधर्म के संघर्ष में सत्य और नीति की विजय ही मानवता का आधार है। विद्यालय ने इस आयोजन के माध्यम से न केवल भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक प्रस्तुत की, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, टीम भावना और आत्म-अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के समापन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट और स्टैंडिंग ओवेशन के साथ छात्रों और शिक्षकों की मेहनत को सराहा। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है।
भव्य समापन के साथ ‘महाभारत’ का यह नाट्य उत्सव विद्यालय के लिए एक अविस्मरणीय अध्याय बन गया, जिसने शिक्षा, कला और संस्कृति के अद्भुत संगम को मंच पर साकार किया।