पारस हेल्थ पंचकूला ने फर्स्ट ऐड और लाइफसेविंग ट्रेनिंग के साथ मनाया विश्व ट्रॉमा दिवस

Bharat News Network:

*’हर घर सुरक्षा की ओर’ अभियान से लोगों को सशक्त बनाने की पहल*

पंचकूला, 17 अक्टूबर: विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर पारस हेल्थ पंचकूला ने सीपीआर और फर्स्ट ऐड ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया। इस मौके पर हॉस्पिटल में इमरजेंसी फर्स्ट ऐड बॉक्स भी लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को इमरजेंसी के समय तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना और लाइफसेविंग स्किल्स के प्रति जागरूक बनाना है। कार्यक्रम का आयोजन पारस हेल्थ के इमरजेंसी केयर विभाग के नेतृत्व में किया गया, जिसमें हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और वॉलंटियर्स ने भाग लिया। इस दौरान एक्सीडेंट जैसी आपात स्थितियों में सीपीआर और फर्स्ट ऐड के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। #HarGharSurakshaKiAur अभियान के माध्यम से पारस हेल्थ ने सुरक्षित और सजग समाज के निर्माण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत में ट्रॉमा मौत और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल लाखों लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है क्योंकि समय पर प्राथमिक सहायता नहीं मिल पाती। पारस हेल्थ की यह पहल सामुदायिक स्तर पर निवारक तैयारी और तत्परता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।

पारस हेल्थ पंचकूला के एसोसिएट डायरेक्टर (इमरजेंसी डिपार्टमेंट) डॉ. चेतन गोयल ने कहा अक्सर मरीज की जान बचाने के लिए हॉस्पिटल पहुंचने से पहले का समय सबसे अहम होता है। इन शुरुआती मिनटों में पास मौजूद लोगों की तत्परता ही फर्क पैदा करती है। यह ट्रेनिंग लोगों को शांत रहकर तुरंत और सही निर्णय लेने की क्षमता देती है।”

फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि हम रोज़ाना कई इमरजेंसी केस देखते हैं, सड़क दुर्घटना, दिल का दौरा या कार्यस्थल पर चोट। अक्सर लोग असमंजस में कुछ नहीं करते। जबकि यही क्षण जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकते हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर घर में फर्स्ट ऐड बॉक्स मौजूद हो और हर व्यक्ति को उसका इस्तेमाल आना चाहिए। ट्रेनिंग सेशन में इमरजेंसी टीम ने लाइव सीपीआर और फर्स्ट ऐड का डेमो दिया। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि ट्रॉमा के लक्षण कैसे पहचानें, छाती पर दबाव (चेस्ट कम्प्रेशन) कैसे दें, और डॉक्टर के आने से पहले स्थिति को कैसे संभालें।
इस पहल के साथ पारस हेल्थ पंचकूला ने न सिर्फ एक अग्रणी हेल्थकेयर संस्थान के रूप में अपनी भूमिका को सशक्त किया है, बल्कि समाज में जागरूकता, तत्परता और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक कदम आगे बढ़ाया है। हॉस्पिटल ने नागरिकों से भविष्य में होने वाले ट्रेनिंग सेशंस में शामिल होने और आपातकालीन तत्परता के चैंपियन बनने की अपील की है।

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