PM मोदी का बयान: भारत-चीन मिलकर वैश्विक आर्थिक स्थिरता में निभाएं भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान की यात्रा पर हैं और इसके बाद वह चीन जाएंगे। जापान में दिए एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की टैरिफ नीतियों से बनी आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए भारत-चीन सहयोग अब और ज़रूरी हो गया है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि एशिया की इन दो बड़ी ताकतों के बीच अच्छे और स्थिर रिश्ते दुनिया में शांति और संतुलन के लिए जरूरी हैं।
भारत-चीन संबंधों का वैश्विक असर
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और चीन के स्थिर और सकारात्मक रिश्तों का असर पूरे एशिया और दुनिया की शांति और समृद्धि पर पड़ेगा। दोनों देश अगर मिलकर काम करें, तो वैश्विक विकास और स्थिरता में अहम योगदान दे सकते हैं।
अमेरिका के टैरिफ का असर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% और चीन पर 145% तक आयात शुल्क लगाया है। इसमें 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इन कदमों से वैश्विक व्यापार पर असर पड़ा है, जिससे भारत-चीन सहयोग की अहमियत और बढ़ गई है।
भारत-चीन रिश्तों में सुधार
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल कज़ान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक सुधार हुआ है। आने वाला SCO शिखर सम्मेलन दोनों देशों के लिए साझा हितों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करने का अच्छा मौका होगा।
31 अगस्त को पीएम मोदी जाएंगे चीन
प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान भारत-चीन के बीच आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
गलवान संघर्ष के बाद नई शुरुआत
गलवान घाटी में तनाव के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आई थी, लेकिन हाल ही में कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए रिश्तों में सुधार लाने की कोशिशें तेज हुई हैं।