IISF 2025 में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा—विकसित भारत 2047 की यात्रा में एआई निभाएगा निर्णायक भूमिका

#bnnindianews पंचकुला,   केंद्रीय मंत्री (विद्युत मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय)  मनोहर लाल ने भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने विकसित भारत 2047 की यात्रा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

विकास के लिए AI: एक रूपांतरकारी लेकिन संवेदनशील तकनीक

मनोहर लाल ने कहा कि AI के माध्यम से भविष्य में नवाचार, स्टार्टअप और कौशल विकास इत्यादि को मिलेगी, लेकिन इसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “AI अच्छा सर्वेंट है लेकिन बैड मास्टर”। उन्होंने समस्या समाधान, डेटा विश्लेषण, जेनेटिक्स, ऊर्जा प्रबंधन और आवास तकनीकों में AI की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उभरती तकनीकें नए रोजगार पैदा करेंगी और माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप आर्थिक उत्पादकता बढ़ाएंगी।

भारत की वैज्ञानिक यात्रा का उत्सव

केंद्रीय मंत्री ने बचपन के विज्ञान प्रदर्शनों की अपनी व्यक्तिगत यादें साझा कीं और कहा कि जिज्ञासा-आधारित प्रयोग अक्सर बड़े आविष्कारों की नींव बनते हैं। उन्होंने सर आइज़क न्यूटन और ग्रामीण नवप्रवर्तक धर्मवीर कांबोज़ की यात्राओं का उल्लेख करते हुए सवाल पूछने की शक्ति को उजागर किया।  मनोहर लाल ने भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन दूरसंचार के सिद्धांतों से लेकर चंद्रयान मिशनों और डिजिटल तकनीकों तक, जिन्होंने “दुनिया को हमारी हथेली में समेट दिया है।”

मंत्री महोदय ने अपने मंत्रालयों में AI-आधारित पहलों का उल्लेख किया, जिनमें स्मार्ट मीटरिंग, ऊर्जा-कुशल प्रणालियाँ और जलवायु-अनुकूल आवास डिज़ाइन शामिल हैं। उन्होंने नई तकनीकों के प्रति जनता में विश्वास, पारदर्शिता और जागरूकता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, विज्ञान भारती, भाग लेने वाले संस्थानों और सभी आयोजकों को IISF 2025 की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने उद्योग, अकादमिक जगत, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और छात्रों के बीच सहयोग की सराहना की और कहा कि ऐसी साझेदारी भारत को वैज्ञानिक नवाचार में अग्रणी बनाने में मदद करेगी।

भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का प्रदर्शन

अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने हाल की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 57 भारतीय उपग्रह लगभग 50 अनुप्रयोगों का समर्थन कर रहे हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या तीन गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने AI-सक्षम प्रणालियों, नई प्रोपल्शन तकनीकों और अगली पीढ़ी के पेलोड्स में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि आदित्य-1 शानदार प्रदर्शन कर रहा है। 63 वर्षों की भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को दर्शाता हुआ नौ मिनट का विशेष वीडियो भी साँझा किया।

इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन; विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सचिव  प्रवीण रामदास; IITM के निदेशक डॉ. सूर्यचंद्र ए. राव; CSIR-CSIO के निदेशक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य; पूर्व DRDO DRDL निदेशक डॉ. प्रहलाद राम राव; प्रो. रीतम घोष; प्रो. गौरव वर्मा; पंजाब विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य और अन्य प्रतिष्ठित अतिथि शामिल थे।

CSIR-CSIO के निदेशक डॉ. शांतनु भट्टाचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया और स्वागत भाषण दिया। सत्र का समापन IITM पुणे के डॉ. सचिन घुड़े द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने IISF 2025 की सफलता में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री  मनोहर लाल ने विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं में भी भाग लिया, छात्रों और शोधकर्ताओं से बातचीत की, और सरकारी विभागों, वैज्ञानिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों द्वारा स्थापित स्टॉलों का अवलोकन किया।

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