आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

आर्कस्पायर में भावी वास्तुकारों ने रेलवे प्लेटफार्मों को किया री-डिजाइन

पीएचडीसीसीआई ने युवा प्रतिभाओं और बेहतरीन एग्जीबिटर्स को किया सम्मानित

इन्स-आउट एक्सपो छात्रों के लिए सीखने व प्रतिभा दिखाने का मंच:डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह

चंडीगढ़। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित किए गए 12वें इन्स-आउट के समापन अवसर पर भावी वास्तुकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला और उन्होंने एक टास्क के तहत रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मों को री-डिजाइन किया। सोमवार को परेड ग्राउंड में आयोजित समापन समारोह के दौरान चंडीगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एवं सिटको के एमडी आईएएस डॉ.सैयद आबिद रशीद शाह ने विभिन्न कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों के युवाओं तथा प्रदर्शनी में भाग लेने वाले एग्जीबिटर्स को सम्मानित किया।

डॉ.सैयद आबिद रशीद शाह ने युवा प्रतिभा को सीखने, नई सोच अपनाने और असल दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए मंच देने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने इंडस्ट्री, प्रोफेशनल्स और उभरते हुए टैलेंट को एक साथ लाने और बातचीत व विचारों के आदान-प्रदान के मौके बनाने के लिए इन्स-आउट एक्सपो की तारीफ़ की। आर्कस्पायर प्रतियोगिता में आर्किटेक्चर के छात्रों को अपनी क्रिएटिविटी, डिज़ाइन थिंकिंग और इनोवेटिव आइडिया दिखाने का मौका दिया। शुरुआती राउंड में कुल 24 छात्र टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 10 टीमों को जूरी ने फ़ाइनल के लिए चुना। चुनी गई टीमों को भारत भर के रेलवे स्टेशन दिए गए और उनसे इनोवेटिव आर्किटेक्चरल रीडिज़ाइन कॉन्सेप्ट और मॉडल बनाने के टास्क दिया गया।

इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन चंडीगढ़ के पूर्व चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, आर्किटेक्ट मनमोहन खन्ना और आर्किटेक्ट सपना की जूरी ने किया। इस प्रतियोगिता में चितकारा यूनिवर्सिटी ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के लिए अपने इनोवेटिव कॉन्सेप्ट के लिए पहला स्थान हासिल किया, जबकि चितकारा यूनिवर्सिटी की ही एक और टीम ने विज़ाग और विजयवाड़ा रेलवे स्टेशनों के लिए अपने डिज़ाइन कॉन्सेप्ट के लिए दूसरा स्थान हासिल किया।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने बठिंडा रेलवे स्टेशन के रीडिज़ाइन कॉन्सेप्ट के लिए तीसरा स्थान हासिल किया। इन प्रोजेक्ट्स में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की कार्यक्षमता, यात्रियों के अनुभव, सुलभता और कुल आर्किटेक्चरल विकास को बेहतर बनाने के लिए छात्रों की कोशिशें दिखाई दीं।

पीएचडीसीसीआई के चंडीगढ़ चैप्टर के चेयरमैन रजनीश बंसल ने कहा कि इन्स-आउट में कंपनियों, आर्किटेक्ट्स और भावी वास्तुकारों को बेहतर प्रोत्साहन मिला है। यह कार्यक्रम सभी के सहयोग और भागीदारी से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। को-चेयरमैन सुव्रत खन्ना ने चंडीगढ़ प्रशासन, कारोबारियों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चैंबर भविष्य में भी ऐसे सार्थक कार्यक्रम और इंडस्ट्री पर केंद्रित पहल आयोजित करता रहेगा।

समापन सत्र में विभिन्न कैटेगरीज़ में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले एग्जीबिटर्स को सम्मानित भी किया गया। प्रो-मार्क को बेस्ट इनोवेशन विनर चुना गया, जबकि मार्स पावर को बेस्ट इनोवेशन रनर-अप घोषित किया गया। कैरवी लाइटिंग को बेस्ट डिस्प्ले विनर का अवॉर्ड मिला और राजन इंडस्ट्री को बेस्ट डिस्प्ले रनर-अप चुना गया।

बेस्ट फुटफॉल कैटेगरी में सकरनी को विनर चुना गया, जबकि ग्लास पैलेस को रनर-अप का अवॉर्ड मिला। इन सम्मानों के ज़रिए पांच दिन की प्रदर्शनी के दौरान एग्जीबिटर्स के इनोवेशन, प्रेजेंटेशन, भागीदारी और जुड़ाव को सराहा गया। इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई की रीजनल डायरेक्टर सुश्री जिज्ञासा नरूला समेत कई गणमान्य मौजूद थे।

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