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मोहाली का शहरी विस्तार लगातार एयरपोर्ट रोड कॉरिडोर की ओर बढ़ रहा है। इसी के साथ सेक्टर-98 भी निवेशकों और घर खरीदने वालों के बीच चर्चा में आने लगा है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी, योजनाबद्ध विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण इस क्षेत्र में मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है।
पीआर-7 एयरपोर्ट रोड के पास स्थित यह सेक्टर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एरोसिटी और शहर के कई विकसित रिहायशी इलाकों से सीधा जुड़ाव रखता है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क नेटवर्क और अन्य सुविधाओं में सुधार के चलते यहां रियल एस्टेट गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि ट्राइसिटी में काम करने वाले प्रोफेशनल्स और एनआरआई नए विकसित हो रहे सेक्टरों में प्लॉट और लो-राइज प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखा रहे हैं। बेहतर प्लानिंग, चौड़ी सड़कें और अपेक्षाकृत खुला वातावरण इन इलाकों को खरीदारों के लिए आकर्षक बना रहा है।
सेक्टर-98 को फिलहाल विकास के शुरुआती चरण वाला माइक्रो-मार्केट माना जा रहा है, जहां कीमतें अभी भी पूरी तरह विकसित क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि आसपास के सेक्टरों में पिछले कुछ वर्षों में कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ाने में सेक्टर-97 में प्रस्तावित करीब 35 एकड़ का गमाडा अर्बन फॉरेस्ट भी अहम माना जा रहा है। इस परियोजना के तहत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे और वॉकिंग ट्रेल्स व हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की पर्यावरणीय गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
वन ग्रुप के डायरेक्टर उदित जैन के अनुसार सेक्टर-98 मोहाली के सुनियोजित विस्तार का हिस्सा है और एयरपोर्ट रोड बेल्ट में लगातार बेहतर होती कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर इस क्षेत्र को भविष्य में निवेश और आवास दोनों के लिए आकर्षक बना सकते हैं।