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अमृतसर: सहारनपुर के 46 वर्षीय मरीज को लिवासा अस्पताल, अमृतसर में वॉन हिप्पेल-लिंडौ सिंड्रोम (वीएचएल) से जुड़े एक दुर्लभ प्रकार के ब्रेन ट्यूमर के सफल इलाज के बाद नई जिंदगी मिली।
मरीज को तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी होना, संतुलन बिगड़ने (अटैक्सिया) और धुंधली दृष्टि की शिकायत थी। एमआरआई स्कैन में ब्रेन के पोस्टेरियर फोसा (दिमाग के पिछले भाग) में एक गांठ दिखाई दी, जिसका निदान सेरेब्रल हेमांगियोब्लास्टोमा के रूप में किया गया। आगे की जांच में वॉन हिप्पेल-लिंडौ (वीएचएल) सिंड्रोम की पुष्टि हुई, जो एक दुर्लभ जेनेटिक कंडीशन है।
न्यूरोसर्जन डॉ. अमनजोत सिंह बोपराई ने उन्नत न्यूरोसर्जिकल तकनीक का उपयोग करते हुए माइक्रोसर्जिकल एक्सिशन के साथ क्रेनियोटोमी की। फरवरी में सफलतापूर्वक की गई सर्जरी के बाद मरीज के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार हुआ। सर्जरी के सातवें दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और अब वे सामान्य जीवन जी रहे हैं।
डॉ. अमनजोत सिंह ने कहा, “वीएचएल से जुड़े सेरेब्रल हेमांगियोब्लास्टोमा दुर्लभ होते हैं और अपनी वास्कुलर नेचर और जेनेटिक बैकग्राउंड के कारण इनका प्रबंधन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। शीघ्र निदान, सावधानीपूर्वक की गई माइक्रो सर्जरी और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर से इस मरीज के केस में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।”