आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को पेश किया गया है। इसी पर काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के रिसर्चर्स की टिप्पणि – Dr Arunabha Ghosh

#bnnindianews विश्वास चितले, फेलो, सीईईडब्ल्यू*, ने कहा, “आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 ने जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए अनुकूलन (एडैप्टेशन) के महत्व और इसे विकास प्रक्रियाओं में जोड़ने की आवश्यकता को दोहराया है।

साथ में, अनुकूलन उपायों को बड़े पैमाने पर समर्थन देने के लिए विभिन्न तरह के वित्तीय संसाधनों की भूमिका पर भी जोर दिया है। नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (NAPCC) अपने नौ मिशनों के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य और वन व पारिस्थितिकी तंत्र जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में अनुकूलन उपायों को लागू करने का समर्थन करता है। सीईईडब्ल्यू का एक हालिया शोध बताता है कि भारत के लगभग 60 प्रतिशत जिले, जहां देश की लगभग दो तिहाई आबादी रहती है,

अत्यधिक गर्मी के जोखिम का सामना कर रहे हैं। यह जान-माल और आजीविका को सुरक्षित बनाने के लिए बढ़ती गर्मी को सहने की शक्ति विकसित करने (हीट रेजिलिएंस) जैसे अनुकूलन उपायों को तेजी से विस्तार देने और मुख्यधारा में लाने की तत्काल जरूरत को रेखांकित करता है।”

आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को पेश किया गया है। इसी पर काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के रिसर्चर्स की टिप्पणि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »