डिजिटल युग में अर्थव्यवस्था, समाज और शासन के भविष्य पर मंथन:खालसा मोहाली में नेशनल कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन

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मोहाली, 25 अप्रैल 2026:

खालसा कॉलेज (अमृतसर) ऑफ टेक्नोलॉजी एंड बिज़नेस स्टडीज़, मोहाली द्वारा “द डिजिटल एज 2026: इम्पैक्ट ऑफ टेक्नोलॉजी ऑन इकॉनमी, सोसाइटी एंड गवर्नेंस” विषय पर नेशनल कॉन्फेंस का सफल आयोजन कॉलेज प्रिंसीपल डॉ हरीश कुमारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कांफ्रेंस का उद्देश्य अकादमिक जगत, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा डिजिटल नवाचार को समावेशी, नैतिक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में संवाद स्थापित करना रहा।

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इस कॉन्फेंस में डिजिटल युग में हो रहे तीव्र तकनीकी परिवर्तनों के प्रभावों पर व्यापक चर्चा की गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई), बिग डेटा, फिनटेक, ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अर्थव्यवस्था, व्यापार, सामाजिक संरचना और शासन प्रणाली में आ रहे बदलावों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया जिसके बाद कांफ्रेंस में शामिल हुए वक्ताओ ने“द डिजिटल एज 2026: इम्पैक्ट ऑफ टेक्नोलॉजी ऑन इकॉनमी, सोसाइटी एंड गवर्नेंस” विषय पर अपने अपने विचार रखे।

कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य सचिव, पंजाब डॉ. करण अवतार सिंह (आईएएस, सेवानिवृत्त) तथा मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. कमल छाबड़ा (संस्थापक एवं सीईओ, केसी ग्लोबलएड उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज विकास और सुशासन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है तथा भविष्य उन्हीं संस्थाओं का होगा जो नवाचार को अपनाते हुए तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और नीतिगत संतुलन आवश्यक है तथा तकनीकी प्रगति के साथ सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करना समय की मांग है। विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शिक्षा, उद्योग और व्यापार के लिए परिवर्तनकारी बताते हुए शोध और तकनीक के समन्वय को सतत विकास का आधार माना।

प्रो. तेजिंदरपाल सिंह ने इस कांफ्रेंस के डिस्कशन पैनल को चेयर किया और डॉ. रीना रानी चौधरी, डॉ. विलियमजीत सिंह और डॉ. हरजीत कौर ने पैनलिस्ट के तौर पर भाग लेते हुए डिजिटल युग के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में डॉ. ज्योति अरोड़ा ने शोधपरक विचार प्रस्तुत किए तथा उनकी अध्यक्षता में 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जबकि समापन सत्र में चीमा बॉयलर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हरजिंदर सिंह चीमा तथा डॉ. कंवलजीत कौर ने अपने विचार रखे।

कॉलेज की प्रिंसीपल डॉ. हरीश कुमारी ने अपने संदेश में कहा कि यह सम्मेलन डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों को समझने का एक सशक्त मंच है, जो शिक्षा, उद्योग और शासन के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करता है तथा समाज को एक सशक्त डिजिटल भविष्य की ओर अग्रसर करता है।

 

इस अवसर पर द एआई रेवोलुशन: ट्रांस्फोर्मिंग सोसाइटी अनस शेपिंग द फ्यूचर किताब का विमोचन भी किया गया।

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