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चंडीगढ़:
क्रॉफ़्ड ने चंडीगढ़ के प्रशासक से अपील की है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करते हुए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) को सेक्टर 45 और 41 में चल रही तोड़फोड़ मुहिम को रोकने के निर्देश दें।
एक प्रेस नोट में हितेश पुरी, चेयरमैन क्रॉफेड , ने बताया कि 12 मार्च 2026 को आयोजित प्रशासक की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में सीएचबी के सीईओ ने स्वयं सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की रिपोर्ट के आधार पर CHB फ्लैट्स के पुनर्विकास (redevelopment) का प्रस्ताव रखा था। इस रिपोर्ट के अनुसार, इन फ्लैट्स की आयु लगभग 55 वर्ष बताई गई है, जो वर्ष 2033 में पूरी होगी।
क्रॉफ्ड ने सवाल उठाया है कि जब पुनर्विकास की योजना पर विचार किया जा रहा है, तो ऐसे में मौजूदा तोड़फोड़ अभियान क्यों चलाया जा रहा है। संस्था का कहना है कि सीएचबी को तत्काल कार्रवाई के बजाय शेष 7 वर्षों तक इंतजार करना चाहिए और उसके बाद ही पुनर्विकास योजना लागू करनी चाहिए।
संस्था ने यह भी सुझाव दिया कि इस बीच सीएचबी , अतिरिक्त उपयोग (वायलेशंस ) के तहत उपयोग की जा रही जगह पर उपयोग शुल्क (यूसेज चार्जेस ) लगा सकता है, साथ ही किसी भी नई अवैध निर्माण गतिविधि पर सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए।
बयान में चेतावनी दी गई है कि यदि यह तोड़फोड़ अभियान नहीं रोका गया, तो लगभग 60,000 प्रभावित परिवारों में असंतोष फैल सकता है, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।
क्रॉफ़्ड ने प्रशासन से अपील की है कि वह समझदारी से काम लेते हुए निवासियों के हित में निर्णय ले, ताकि किसी भी प्रकार के तनाव की स्थिति से बचा जा सके।