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देहरादून, 14 मार्च। देवभूमि की समृद्ध लोकपरंपरा के प्रतीक लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर आज शासकीय आवास में बच्चों का आगमन हुआ। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे बच्चों ने देहरी पर फूल और अक्षत सजाकर “फूलदेई, फूलदेई, छम्मा देई…” गीत गाया, जिससे पूरा वातावरण बसंत की खुशबू से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर बच्चों की सरलता, उल्लास और आत्मीयता ने सभी का मन मोह लिया। उनके उत्साह और सांस्कृतिक लगाव ने हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

इस मौके पर बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। साथ ही कहा गया कि फूलदेई पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, बसंत ऋतु के स्वागत और लोकसंस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देता है।
फूलदेई जैसे पारंपरिक पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देते हैं।