#bnnindianews
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24 लाख के साइबर फ्रॉड में पंचकूला पुलिस को 48 घंटे मे मिली सफलता, शिमला और जयपुर से 2 आरोपी किए गिरफ्तार, फ्रॉड में प्रयोग 2 मोबाइल बरामद
पहले आरोपी के बैंक खाते में इस मामले की करीब 4.30 लाख की राशि जबकि अन्य मामलों में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिली
दूसरे आरोपी को इस साइबर फ्रॉड में कमीशन के तौर पर 1 लाख 25 हजार रुपये मिले, रिमांड के दौरान पूछताछ जारी
पंचकूला/ 15 दिसंबर :-पंचकूला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम थाना पंचकूला की टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 24 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर इस साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों से साइबर अपराध में प्रयोग दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी युद्ववीर सिंह ने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को पंचकूला निवासी एक शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि इसी साल नवंबर माह में उसे गूगल एड के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। इसके बाद उसे एक एप डाउनलोड करवाया गया और धीरे-धीरे मोटे मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग समय पर रकम निवेश करवाई गई। इस तरह आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता से कुल 24,03,677 रुपये का फ्रॉड किया है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340 व 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच के दौरान सब इंस्पेक्टर भूप सिंह के नेतृत्व में टीम ने पहले आरोपी राजेश कुमार पुत्र जीत सिंह चौहान, निवासी जिला शिमला, हिमाचल प्रदेश, हाल किरायेदार मनीमाजरा, चंडीगढ़ को 10 दिसंबर को शिमला से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से साइबर फ्रॉड में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में इस मामले से संबंधित करीब 4 लाख 30 हजार रुपये की राशि आई थी, जबकि अन्य मामलों में उसके खाते में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये की संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाई गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर गहन पूछताछ की गई।
मामले की आगे की जांच में पुलिस ने दूसरे आरोपी नवल किशोर गुज्जर पुत्र पुरणमल गुज्जर, निवासी पिपलोद, जिला जयपुर, राजस्थान को भी गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से भी मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि इस साइबर फ्रॉड में आरोपी को कमीशन के तौर पर 1 लाख 25 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने पहले आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि दूसरे आरोपी को कोर्ट में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है, जिसके दौरान उससे पूछताछ जारी है। 
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील है कि किसी भी अनजान लिंक, एप या ऑनलाइन निवेश के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 व साइबर क्राइम थाना पर दें। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।