Bharat News Network : भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय में आज राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने की, जबकि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा चंडीगढ़ एवं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन उपस्थित रहे।

संजय टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की आत्मा की आवाज़ है। उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह गीत 1875 के आसपास अपनी प्रसिद्ध रचना ‘आनंदमठ’ में लिखा था। उस दौर में जब अंग्रेज़ी हुकूमत भारतीयों को उनके स्वाभिमान से वंचित कर रही थी, “वंदे मातरम” ने देश के नौजवानों में स्वदेश प्रेम और स्वतंत्रता की अग्नि प्रज्वलित कर दी थी।
यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों का नारा बन गया। जब-जब देश के वीरों ने “वंदे मातरम” गाया, तब-तब ब्रिटिश सरकार ने उन्हें जेलों में ठूंस दिया, लेकिन न तो उनका हौसला टूटा और न ही देशभक्ति का ज्वार शांत हुआ। इस गीत ने उस युग में वही भूमिका निभाई, जो राष्ट्रगान “जन गण मन” आज निभा रहा है — एकता, सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक।
कार्यक्रम में न्यू पब्लिक स्कूल, सेक्टर 18 के बच्चों ने अपने म्यूजिकल बैंड के माध्यम से “वंदे मातरम” का मधुर प्रस्तुतिकरण कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। बच्चों की देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुति ने वातावरण को ऊर्जा और गर्व से भर दिया।
इस अवसर पर भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश के सभी पदाधिकारी, जिला एवं मंडल कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में “वंदे मातरम” का गायन कर राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की।
कार्यक्रम के समापन पर प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने कहा —
> “आज जब हम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष मना रहे हैं, यह केवल एक गीत की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस भावना की स्मृति है जिसने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आज़ादी तक पहुँचाया। यह गीत सदियों तक हमें हमारी मातृभूमि के प्रति कर्तव्य की याद दिलाता रहेगा।”