Bharat News Network: चंडीगढ़ : उत्तराखंड जनसेवा एवं सांस्कृतिक मंच चंडीगढ़ द्वारा,आज सैक्टर 28 बी में रामलीला के पहले दिन के दृश्य बाल्य रावण सीन, कुबेर लंका का अधिपत्य, शिव वरदान, रावण वेदवती, श्रवण कुमार 3D तकनीक के साथ भव्य रामलीला की शुरूआत हुई । कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। शहर में पहली बार पारम्परिक एवं आधुनिक नाट्य प्रस्तुति के संगम से आयोजित यह रामलीला शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रथम दिवस मुख्य रूप से रावण जन्म की लीला का मंचन हुआ। जन्म होते ही रावण ने ब्रह्मा से वर मांगा कि वह वानर और मनुष्य को छोड़ किसी के हाथों ना मरे। इसी वरदान के साथ उसने स्वर्ग के देवताओं पर अत्याचार करना आरंभ कर दिया। वही कुंभकरण छह महीने सोने तथा एक दिन जागने का वरदान मांगता है तो विभीषण भगवान के चरणों में अनुराग का वरदान मांगते हैं।
रामलीला के निर्देशक हीरा सिंह (लाडी) अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र की बड़ी शख्सियत है। टेलीविज़न व फिल्मों में अभिनय व सहनिर्देशन कर चुके हैं। रामलीला में भाग लेने वाले अधिकतर कलाकार थिएटर से जुड़े हैं । उन्होने ने बताया कि, “पहले कलाकारों को डायलॉग जोर से बोलकर दर्शकों तक पहुंचाने पड़ते थे। हालांकि अब उनका काम बहुत ही आसान हो गया है। अब कॉलर माइक और एलईडी स्क्रीन के जरिए प्रस्तुति सरल और आकर्षक हो गई है। अब एलईडी बैकग्राउंड और एनिमेशन का प्रयोग हो रहा है, जिससे दृश्य अधिक जीवंत दिखते हैं और दर्शकों को रोचक लगते हैं ।
रामलीला के प्रधान सरूप नेगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतवासियों के आराध्य हैं। उनका जीवन मर्यादा, पुरुषार्थ और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने रामलीला को धर्म, संस्कृति और विरासत का प्रतीक बताया।