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चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन नंदोत्सव और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया; भक्ति मंत्रों से गूंजा पंडाल

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इंद्रेश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया; पूज्य श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री जी की उपस्थिति से भक्तों का उत्साह बढ़ा

चंडीगढ़, 17 अक्टूबर 2026: चंडीगढ़ के सेक्टर 34 स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव के दूसरे दिन नंदोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने पारंपरिक बधाई गीतों, पुष्पवर्षा और माखन-मिश्री प्रसाद वितरण के बीच भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का उत्सव मनाया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक उल्लास और आनंद से भर गया।

 

प्रसिद्ध आध्यात्मिक कथावाचक इंद्रेश महाराज जी ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य और उनकी मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने भक्तों को बताया कि कथा के अगले छह दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जाएगा। इस पावन अवसर पर इंद्रेश महाराज जी के पूज्य पिता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित आध्यात्मिक संत श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री जी भी कथा में शामिल होने पहुंचे। उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति की भावना और अधिक प्रबल हो गई।

 

 

कथा के दौरान इंद्रेश महाराज जी ने कहा कि चंडीगढ़ में आयोजित होने वाली वार्षिक श्रीमद्भागवत कथा अब धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरवासियों के लिए एक भव्य आध्यात्मिक उत्सव का रूप ले चुकी है। उन्होंने सरल शब्दों में ‘भागवत’ और ‘भागवता’ के बीच आध्यात्मिक अंतर समझाते हुए कहा कि ‘भागवत’ का अर्थ परम भगवान से है, जबकि ‘भागवता’ में भगवान के भक्तों का जीवन, उनकी दिव्य लीलाएं, प्रेम और भक्ति समाहित हैं। उन्होंने शिव तत्व पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘शिव’ शब्द कल्याण और मंगल का प्रतीक है। उन्होंने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप, मुंडमाला के प्रतीकात्मक महत्व और पवित्र कंठी धारण करने की महत्ता के साथ उससे जुड़े अनुशासन पर भी विस्तार से चर्चा की।

 

बी प्राक ने भव्य आध्यात्मिक आयोजन का किया आयोजन, भक्ति और सेवा को दिया बढ़ावा

 

भव्य श्रीमद्भागवत कथा और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का आयोजन प्रसिद्ध गायक बी प्राक द्वारा किया जा रहा है। यह आयोजन भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आध्यात्मिक शांति और निःस्वार्थ सेवा की भावना से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन और भक्तिमय वातावरण श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है।

 

कथा के दूसरे दिन भाजपा नेता संजय टंडन और ट्रेस लाउंज के प्रबंध निदेशक मुनीश बजाज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी उपस्थिति से अवसर का महत्व और बढ़ गया। भक्तों ने नंदोत्सव मनाते हुए आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। पूरा पंडाल भक्तिमय जयघोष और गहरी श्रद्धा के वातावरण से भरा रहा।

 

भक्ति और सेवा के इस संगम के अंतर्गत मदन लाल पुष्करना चैरिटेबल ट्रस्ट ने कथा के पहले दिन से ही छबील सेवा शुरू की है। आयोजन में आने वाले भक्तों के लिए यह सेवा पूरे कार्यक्रम के दौरान जारी रहेगी, जिससे वे इस नेक पहल का लाभ उठा सकेंगे।

 

 

 

श्रीमद्भागवत कथा और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का आयोजन 16 से 22 अक्टूबर 2026 तक, प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक, मेला ग्राउंड, सेक्टर 34, चंडीगढ़ में किया जा रहा है।

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