“क्षेत्रीय अवसरों पर नए सिरे से ध्यान दिए जाने के बीच कनाडा एक आकर्षक इमिग्रेशन डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है”: लेफ्टिनेंट कर्नल बी.एस. संधू, इमिग्रेशन क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ एवं सीएमडी, डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस
10-11 अक्टूबर को पंजाब और चंडीगढ़ में डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस आयोजित करेगा मेगा इमिग्रेशन सेमिनार
चंडीगढ़, 8 अक्टूबर, 2026: कनाडा संभावित इमिग्रेंट्स के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। देश के बड़े महानगरों से बाहर भी अवसर बढ़ रहे हैं और क्षेत्रीय स्तर पर श्रम बाजार की जरूरतों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यह बात डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस ग्रुप के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर लेफ्टिनेंट कर्नल बी.एस. संधू (रिटायर्ड) ने आज यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
लेफ्टिनेंट कर्नल संधू ने बताया कि संभावित इमिग्रेंट्स को दुनिया भर में बदलते इमिग्रेशन के अवसरों और नियमों की बेहतर जानकारी देने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस 10 अक्टूबर को अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में मेगा इमिग्रेशन सेमिनार आयोजित करेगा। अमृतसर में होटल बेस्ट वेस्टर्न मेरियन में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जालंधर में रमाडा बाय विंधम में दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक और लुधियाना में होटल पार्क प्लाजा में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक सेमिनार होगा। चंडीगढ़ में सेमिनार 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होटल अरोमा में आयोजित किया जाएगा।
लेफ्टिनेंट कर्नल संधू ने कहा, “क्षेत्रीय अवसरों पर नए सिरे से ध्यान दिए जाने के बीच कनाडा एक आकर्षक इमिग्रेशन डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।”
उन्होंने कहा, “कनाडा के बड़े महानगरों से बाहर भी कई अलग-अलग अवसर उपलब्ध हैं। सस्केेचवन जैसे प्रांतों में काफी भूमि संसाधन, अपेक्षाकृत कम आबादी और कुशल कामगारों की वास्तविक जरूरत है। ऐसे में जो संभावित इमिग्रेंट्स पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं, उनके लिए कनाडा के क्षेत्रीय हिस्से महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।”
उन्होंने कहा कि कुछ समय तक इमिग्रेशन की रफ्तार धीमी रहने के बाद कनाडा और अन्य प्रमुख देशों में इमिग्रेशन को लेकर रुचि फिर बढ़ने लगी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व वाली सरकार कनाडा की आर्थिक और श्रम बाजार की जरूरतों के अनुरूप इमिग्रेशन को आगे बढ़ा रही है।
लेफ्टिनेंट कर्नल संधू ने कहा, “अच्छी योग्यता और पूरी तैयारी वाले आवेदकों के लिए इमिग्रेशन के अवसर अभी भी मौजूद हैं। आवेदकों को सिर्फ अपनी पात्रता और नियमों के पालन को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि आयोजित किए जाने वाले इन सेमिनारों में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके, यूरोप और न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन और बसने के अवसरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इनमें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, समय-सीमा और बदलती इमिग्रेशन नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन सेमिनारों में कुशल पेशेवरों, कारोबारी लोगों, निवेशकों और छात्रों को जानकारी दी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट अमित खन्ना ने कहा कि प्रमुख देशों में इमिग्रेशन अब तेजी से कौशल और पात्रता पर आधारित और अधिक चयनात्मक होता जा रहा है।
उन्होंने कहा, “आज इमिग्रेशन का मतलब केवल किसी देश को चुनकर आवेदन करना नहीं है। यह समझना जरूरी है कि आवेदक वास्तव में कहां पात्र है, वहां की आवश्यकताओं को समझना और सबसे उपयुक्त कानूनी रास्ते को अपनाना जरूरी है। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है—पहले पात्रता, फिर आवेदन।”
खन्ना ने कहा कि कनाडा में हेल्थकेयर और सोशल सर्विसेज, एस टी ई एम, कुशल ट्रेड, शिक्षा और परिवहन जैसे क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध हैं। इसके अलावा फ्रेंच भाषा की योग्यता और अन्य विशेष कौशल से जुड़े रास्ते भी मौजूद हैं।
कनाडा के अलावा अन्य देशों में इमिग्रेशन के बारे में बात करते हुए खन्ना ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का स्किल्ड माइग्रेशन प्रोग्राम पात्र पेशेवरों के लिए अवसर प्रदान करता है, जबकि न्यूजीलैंड ने अपने स्किल्ड माइग्रेंट कैटेगरी में बदलाव किए हैं। अमेरिका में पात्र निवेशकों के लिए ईबी-5 जैसे निवेश आधारित इमिग्रेशन विकल्प मौजूद हैं, जबकि यूके अधिक चयनात्मक स्किल्ड वर्कर सिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
लेफ्टिनेंट कर्नल संधू ने कहा, “इमिग्रेशन आवेदन की शुरुआत किसी खास परिणाम के वादे से नहीं, बल्कि आवेदक की प्रोफाइल के वास्तविक आकलन से होनी चाहिए। सही सलाह आवेदकों को अनावश्यक देरी, खर्च और जोखिम से बचने में मदद कर सकती है।”
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 1993 को टोरंटो, कनाडा में स्थापित डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस ने इमिग्रेशन क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का सफर पूरा किया है। संस्था ने कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में अवसर तलाशने वाले पांच लाख से अधिक परिवारों की सहायता की है।

