सेबी का ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ कैंपस तक पहुंचा:

*सेबी का ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ कैंपस तक पहुंचा: एएमएफआई ने पंजाब विश्वविद्यालय के साथ किया करार, छात्रों और शिक्षकों तक पहुंचेगी निवेशक जागरूकता*

एएमएफआई ने नेशनल इन्वेस्टर अवेयरनेस कैंपेन के हिस्से के तौर पर ट्रेन-द-ट्रेनर प्रोग्राम के लिए एमओयू साइन किया

चंडीगढ़, 5 अक्टूबर 2026: भारत में म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक (डब्ल्यूआईडब्ल्यू) 2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान हुआ। समारोह में सेबी के राष्ट्रीय निवेशक जागरूकता अभियान ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ को चंडीगढ़ में लॉन्च किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) ने की और आयोजन पंजाब विश्वविद्यालय ने किया।

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प्रोजेक्ट जागरूक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) का देशव्यापी निवेशक जागरूकता अभियान है। इसे एएमएफआई, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) और बाजार ढांचे से जुड़ी संस्थाओं—एनएसई, बीएसई, एमसीएक्स, सीडीएसएल और एनएसडीएल—के सहयोग से चलाया जा रहा है।

 

सेबी ने आज 13 भाषाओं में देशव्यापी मल्टीमीडिया अभियान शुरू किया है। ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ टैगलाइन वाले इस अभियान का उद्देश्य निवेशकों को वित्तीय शिक्षा देना, सोच-समझकर निवेश की आदत को बढ़ावा देना और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। यह अभियान टीवी, डिजिटल, प्रिंट, रेडियो, आउट ऑफ होम और सिनेमा माध्यमों के जरिए चलाया जाएगा।

 

प्रोजेक्ट जागरूक के चार प्रमुख संदेश

 

1. निवेश से पहले समझें

2. विनियमित निवेश उत्पादों को चुनें

3. जल्दी शुरुआत करें, निवेश बनाए रखें

4. निवेश संबंधी धोखाधड़ी से सावधान रहें

 

यह अभियान भौतिक और डिजिटल दोनों माध्यमों को जोड़कर प्रतिभूति बाजार को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने तथा देशभर में जिम्मेदार निवेश भागीदारी को बढ़ाने पर केंद्रित है।

 

इस पहल के तहत सेबी अब प्रतिभूति बाजार से जुड़े साझेदारों के साथ औपचारिक एमओयू के जरिए इस अभियान को विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक भी ले जा रहा है।

 

एमओयू के तहत एएमएफआई और पंजाब विश्वविद्यालय ‘ट्रेन द ट्रेनर’ मॉडल लागू करेंगे। इसके तहत:

 

• शिक्षकों का प्रशिक्षण और प्रमाणन: दो स्तरों वाले इस कार्यक्रम में वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इसके माध्यम से चयनित शिक्षकों को क्षेत्रीय वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षक के रूप में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।

 

• छात्रों के कौशल और करियर की तैयारी: प्रमाणित शिक्षक जिलावार प्रशिक्षण का नेतृत्व करेंगे। इससे छात्रों को उन्नत एनआईएसएम प्रमाणपत्र हासिल करने और एएमएफआई रजिस्ट्रेशन नंबर (एआरएन) प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इससे वे सीधे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

 

एएमएफआई और पंजाब विश्वविद्यालय संयुक्त प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, शोध सहयोग, समर इंटर्नशिप और कैंपस प्लेसमेंट सहित साझेदारी के विस्तार की संभावनाएं भी तलाशेंगे।

 

एएमएफआई के चेयरमैन सुंदीप सिक्का ने कहा, “वित्तीय साक्षरता एक मजबूत और समावेशी निवेशक आधार की नींव है। सेबी के ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ और ‘समझ से इन्वेस्टिंग सिंपल’ संदेश के अनुरूप पंजाब विश्वविद्यालय के साथ हमारी यह साझेदारी प्रशिक्षित शिक्षकों का ऐसा समूह तैयार करने में मदद करेगी, जो पूरे क्षेत्र में छात्रों और समुदायों तक निवेशक जागरूकता पहुंचा सके। वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक के अवसर पर इस सहयोग की शुरुआत करते हुए हमें खुशी हो रही है।”

 

एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी वेंकट चलासानी ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के साथ-साथ म्यूचुअल फंड उद्योग में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए करियर के अवसर पैदा करना है। शिक्षकों को प्रमाणित प्रशिक्षक के रूप में तैयार करने और इच्छुक छात्रों को म्यूचुअल फंड वितरक के रूप में करियर बनाने का अवसर देकर हम वित्तीय जागरूकता को रोजगार के अवसरों से जोड़ना चाहते हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में समझदारी और जिम्मेदारी के साथ निवेश को बढ़ावा देने के लिए हम पंजाब विश्वविद्यालय के साथ काम करने को उत्सुक हैं।”

 

पंजाब विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) की चेयरपर्सन प्रो. मीना शर्मा ने कहा, “इस महत्वपूर्ण पहल के लिए एएमएफआई के साथ साझेदारी करके हमें खुशी है। इससे हमारे शिक्षकों और छात्रों को उद्योग जगत में मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र हासिल करने और निवेश से जुड़े क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे वे वित्तीय बाजारों में जागरूक और जिम्मेदार भागीदार बनने में भी सक्षम होंगे।”

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