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चिन्मय अमृत यात्रा का चंडीगढ़ में हुआ भव्य स्वागत

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चिन्मय अमृत यात्रा का चंडीगढ़ में हुआ भव्य स्वागत

स्वामी मित्रानंद जी ने स्वामी चिन्मयानंद जी की शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर किया संबोधन

पादुका पूजन, प्रदर्शनी और संवाद सत्र का आयोजन

चंडीगढ़, 18 सितंबर 2026: चिन्मय आंदोलन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही 295 दिवसीय चिन्मय अमृत यात्रा शुक्रवार को चंडीगढ़ पहुंची। पंचकूला से सुबह रवाना हुई यात्रा का सेक्टर 10 स्थित चिन्मय मिशन सेंटर में सचिव कल्पना घई की अगुआई मे श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल और भांगड़ा के साथ अमृत यात्रियों का पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया। यात्रा में स्वामी चिन्मयानंद जी के संदेश को लेकर देशभर में भ्रमण कर रहे 17 अमृत यात्री शामिल हैं।

 

इस अवसर पर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में अमृत यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत के बाद पादुका पूजन से हुई। कार्यक्रम के दौरान स्वामी मित्रानंद जी ने चिन्मय मिशन सेंटर का भ्रमण किया और चंडीगढ़ सेंटर द्वारा कल्याणकारी कार्यों की प्रशंसा की। यात्रा के दौरान चल रही गाड़ी रूपी रथ में चिन्मय प्रदर्शनी का अवलोकन किया जहाँ स्वामी जी से जुड़ी चीज़ों के लोगों ने दर्शन किए। प्रदर्शनी में पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और समाज के प्रति योगदान को दर्शाया गया। श्रद्धालुओं को स्वामी चिन्मयानंद जी की पादुकाओं और विग्रह के दर्शन का अवसर भी मिला।

इस यात्रा को आगे बढ़ाने वाली युवा टीम इसकी विशेष पहचान रही। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों से जुड़े युवा शिक्षाविद, डिजाइनर, प्रोफेशनल्स और प्रतिभाशाली युवा अपनी क्षमताओं को एक बड़े उद्देश्य के लिए समर्पित करते हुए इस असाधारण यात्रा का हिस्सा बने ।

अपने संबोधन में स्वामी मित्रानंद जी ने ज्ञान, भक्ति और सेवा के संदेश को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद जी की शिक्षाओं और उनके आध्यात्मिक दृष्टिकोण की आज के समय में प्रासंगिकता पर विचार साझा किए।

 

चिन्मय आंदोलन की शुरुआत 31 दिसंबर 1951 को पुणे में पूज्य स्वामी चिन्मयानंद जी के पहले आध्यात्मिक प्रवचन से हुई थी। 75 वर्ष की इस यात्रा को चिह्नित करने वाली चिन्मय अमृत यात्रा भारत के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रही है और 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यात्रा का समापन होगा।

चंडीगढ़ कार्यक्रम के बाद अमृत यात्रा सिद्धबाड़ी, धर्मशाला के लिए रवाना हुई।

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