पंजाब को मिली अपनी आवाज़ ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ राज्य के पहले नागरिक अगुआई वाले सार्वजनिक एजेंडा मंच के रूप में लॉन्च

1000 से अधिक लोगों ने मिलकर लॉन्च की ओपिनियन ऑफ पंजाब एप्लिकेशन

चंडीगढ़, 16 सितंबर, 2026: सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में पंजाब ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ (ਰਾਏ ਪੰਜਾਬ ਦੀ) का शुभारंभ हुआ। यह एक नागरिकों की अगुवाई वाला, गैर-लाभकारी डिजिटल सार्वजनिक एजेंडा मंच है, जिसे लोगों की आवाज़ों को सार्वजनिक विमर्श और एजेंडा-निर्धारण के केंद्र में लाने के लिए तैयार किया गया है।

‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ भारत का पहला ऐसा मंच और पहला ऐसा तंत्र है, जिसे लोगों को अपने मुद्दे सामने रखने और उन्हें 117 विधानसभा क्षेत्रों, 13,000+ गांवों और 2,100+ नगरपालिका वार्डों में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह तंत्र गांवों और नगरपालिका वार्डों से उभरने वाले मुद्दों को एक साथ लाएगा, उन्हें विधानसभा क्षेत्र-वार इक्कठा करेगा और अंततः लोगों की सामूहिक प्राथमिकताओं को जनता के घोषणापत्र में बदलेगा।

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यह मंच पंजाब के नागरिक और राजनीतिक परिदृश्य — जिसमें 13,000+ गांव, 2,100+ नगरपालिका वार्ड, 117 विधानसभा क्षेत्र और 23 जिले शामिल हैं, को जोड़ने का काम करेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को उन मुद्दों को लगातार उठाने, देखने और उनमें योगदान देने में सक्षम बनाना है जो उनके लिए मायने रखते हैं।

इसके केंद्र में नीचे से ऊपर की ओर बनने वाला जनता का एजेंडा है। गांवों और नगरपालिका वार्डों से उभरने वाले मुद्दे और प्राथमिकताएं विधानसभा क्षेत्र-स्तरीय एजेंडों में जाएंगे, जो जिला एजेंडों में योगदान देंगे और अंततः पंजाब के लिए एक साझा जनता के एजेंडे में बदलेंगे। नागरिक, गांव, वार्ड, विधानसभा क्षेत्र, जिला, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरों पर भाग ले सकते हैं। इस शुरुआत का स्वागत करते हुए, 1000 से अधिक लोगों ने मिलकर ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ एप्लिकेशन को लॉन्च किया।

इस अवसर पर बोलते हुए, ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ के संस्थापक हिमांशु पाठक ने कहा: “पंजाब का एजेंडा पंजाब के लोगों द्वारा तय किया जाना चाहिए — गांव-गांव, वार्ड-वार्ड, विधानसभा क्षेत्र-क्षेत्र। ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ यह प्रयास है कि यह भागीदारी निरंतर, नज़र आने वाली और सार्थक बने।”

उन्होंने आगे कहा: “लोकतंत्र को एक ऐसा तंत्र चाहिए जिसके माध्यम से लोगों की बात लगातार सुनी जाए। केवल चुनाव के समय ही ऐसा नहीं होना चाहिए। ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ उस निरंतर स्थान को उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है। यह जनता द्वारा और जनता के लिए एजेंडा है।”

शुभारंभ के मौके पर पेश एक प्रमुख विशेषता ‘निर्वाचित प्रतिनिधि ट्रैकर’ रहा। यह पंजाब के 117 विधायकों, 13 लोकसभा सांसदों और 7 राज्यसभा सांसदों को कवर करेगा। इसे उनके काम, भागीदारी, सार्वजनिक हस्तक्षेपों, प्रदर्शन और जवाबदेही पर उपलब्ध जानकारी के साथ-साथ उनके निर्वाचित पद से जुड़े लाभों और अधिकारों को एक साथ लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह मंच ‘स्पीक’ भी पेश करता है, जो नागरिकों को गांव, वार्ड, विधानसभा क्षेत्र, जिला और पंजाब स्तरों पर अपने मुद्दे और प्राथमिकताएं उठाने में सक्षम बनाएगा। नागरिक अपने मुद्दे या तो गुमनाम रूप से या अपने सत्यापित नाम और फोन नंबर के माध्यम से पोस्ट कर सकते हैं, जिससे भागीदारी के अलग-अलग रास्ते उपलब्ध होंगे और मुद्दों को अलग-अलग स्तरों पर पहचानने और संकलित करने की सुविधा मिलेगी।

‘स्टैंड’ संभावित निर्वाचित प्रतिनिधियों को राज्य के 117 विधानसभा क्षेत्रों में खुद को पेश करने और नागरिकों से जुड़ने का अवसर देगा।

‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ की परिकल्पना एक बार की पहल के बजाय नागरिक भागीदारी के लिए एक सतत ढांचे के रूप में की गई है। इसका उद्देश्य लोगों की चिंताओं को अधिक उभारना , सार्वजनिक भागीदारी को मजबूत करना और प्रतिनिधित्व व जवाबदेही को लेकर अधिक पारदर्शिता पैदा करना है। अपने शुभारंभ के साथ, ‘ओपिनियन ऑफ पंजाब’ पंजाब के लिए अधिक सहभागी, पारदर्शी और जन-शक्ति संचालित सार्वजनिक एजेंडा बनाने की अपनी यात्रा शुरू कर रहा है।

एजेंडा जनता लिखेगी और पंजाब भविष्य की अगुवाई करेगा

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