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पीआरडी जवानों को बड़ी राहत: इलाज के दौरान भी मिलेगा 180 दिन तक मानदेय, उत्तराखंड सरकार ने जारी की एसओपी
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। अब ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान घायल होने अथवा बीमार पड़कर अस्पताल में भर्ती होने वाले पीआरडी जवानों को उपचार अवधि के दौरान भी अधिकतम 180 दिन (छह माह) तक ड्यूटी पर माना जाएगा और उनका मानदेय/ड्यूटी भत्ता नियमित रूप से दिया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार यह सुविधा केवल उन पीआरडी स्वयंसेवकों को मिलेगी, जो ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान घायल या बीमार होकर अस्पताल में इन-पेशेंट के रूप में भर्ती होंगे। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने का चिकित्सकीय प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। संबंधित जिला एवं क्षेत्रीय पीआरडी अधिकारी उपचार अवधि का पूरा रिकॉर्ड रखेंगे और उपचार समाप्त होने के बाद मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर अवधि का सत्यापन करेंगे। यदि स्वयंसेवक किसी अन्य विभाग में तैनात है, तो उसका मानदेय संबंधित विभाग द्वारा ही दिया जाएगा।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह व्यवस्था मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लागू की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 10 हजार पीआरडी जवान विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। पहले ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर उनका मानदेय कट जाता था, लेकिन अब अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि को भी ऑन ड्यूटी माना जाएगा। सरकार के इस फैसले से पीआरडी जवानों को इलाज के दौरान आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे बिना वित्तीय चिंता के उपचार करा सकेंगे।

