Site icon

चितकारा यूनिवर्सिटी ने शुरू किया 20 करोड़ रुपये का अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, ड्रोन टेक्नोलॉजी और एग्रीटेक स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

Screenshot 2026 07 11 12 18 04 31 6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7 1024x576 1

चंडीगढ़: पंजाब में नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देते हुए चितकारा यूनिवर्सिटी ने अपने पंजाब कैंपस में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर–चितकारा इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (AIC-CIF) और AIC-PRIDE Labs का शुभारंभ किया। भारत सरकार के नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और विश्वविद्यालय के सहयोग से करीब 20 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह केंद्र ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा।

इस अवसर पर ATL सारथी पंजाब पहल की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य राज्यभर की अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) को सशक्त बनाना और स्कूल स्तर से स्टार्टअप तक नवाचार की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका (आईएएस) रहे।

कार्यक्रम में नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के प्रतिनिधियों, चितकारा यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. अशोक चितकारा, प्रेसिडेंट एवं सह-संस्थापक डॉ. मधु चितकारा सहित शिक्षा, उद्योग और निवेश क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने भाग लिया।

विश्वविद्यालय के अनुसार, यह इन्क्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, फंडिंग, उत्पाद परीक्षण, उद्योग साझेदारी, बौद्धिक संपदा (आईपी) संरक्षण और नियामकीय मार्गदर्शन जैसी व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

इस मौके पर डॉ. अशोक चितकारा ने कहा कि यह केंद्र शोध, नवाचार और उद्यमिता को समाज की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए वैश्विक स्तर के स्टार्टअप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समारोह के दौरान पंजाब के उत्कृष्ट ATL सारथियों को भी सम्मानित किया गया।

Exit mobile version