#BNNINDIANEWS चंडीगढ़: हरियाणा में शराब कारोबार को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को क्यूआर कोड आधारित ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली और आबकारी विभाग की आठ नई ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत शराब के निर्माण से लेकर थोक और खुदरा बिक्री तक हर बोतल की डिजिटल निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से आबकारी नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित होगा, अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगेगी और कर चोरी पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई व्यवस्था को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
नई ऑनलाइन सेवाओं के तहत अब सामाजिक और सार्वजनिक समारोहों, संगीत कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों तथा अन्य आयोजनों में शराब परोसने के लिए ऑनलाइन लाइसेंस प्राप्त किया जा सकेगा। इसके अलावा मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के वार्षिक पंजीकरण, विकृत स्पिरिट आउटलेट लाइसेंस (L-17), औद्योगिक एवं औषधीय स्पिरिट से जुड़े परमिट (L-42A से L-42D) तथा खुदरा शराब दुकानों के समय विस्तार की अनुमति भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
सरकार के अनुसार, सभी आवेदनों का निस्तारण सात कार्य दिवसों के भीतर पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। स्वचालित प्रक्रिया के कारण मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करदाताओं से प्री-जीएसटी कर कानूनों के लिए लागू एकमुश्त निपटान योजना का लाभ उठाने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 100 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना माफ किया गया है, जबकि विभिन्न श्रेणियों में देय कर पर भी विशेष छूट दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा जीएसटी संग्रह के मामले में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राज्य का एसजीएसटी संग्रह 32 प्रतिशत बढ़ा है, जो देश में सबसे अधिक है। वहीं 2025-26 में भी हरियाणा ने 22 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ सभी राज्यों में सर्वाधिक एसजीएसटी वृद्धि दर्ज की थी।

