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चंडीगढ़: यूपीएल ने अपने खरपतवार नाशक ट्रिस्केल (यूपीएल एसएएस द्वारा विपणन) और त्रिशुक (स्वाल द्वारा विपणन) से मिलती-जुलती पैकेजिंग और ब्रांडिंग वाले उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। कंपनी ने कहा है कि उसके बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) अधिकारों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ आर्थिक क्षतिपूर्ति का दावा भी किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार बाजार में कुछ ऐसे उत्पाद उपलब्ध हैं जिनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग ट्रिस्केल और त्रिशुक जैसी दिखाई देती है, लेकिन उनकी कीमत काफी कम होती है। इससे किसानों के असली और नकली या मिलते-जुलते उत्पादों के बीच भ्रमित होने की आशंका बनी रहती है।
यूपीएल ने किसानों और चैनल भागीदारों से अपील की है कि वे फसल सुरक्षा उत्पाद खरीदते समय पूरी सावधानी बरतें। कंपनी ने सलाह दी है कि खरीदारी से पहले उत्पाद की पैकेजिंग, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर और अन्य आवश्यक विवरणों की अच्छी तरह जांच करें। कंपनी ने चेतावनी दी कि असामान्य रूप से कम कीमत वाले उत्पाद फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं और इससे उत्पादन व गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
यूपीएल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपने उत्पादों और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी।

