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नारायणा के दो विद्यार्थियों का इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में चयन
मोहाली 14 मई 2026: नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स ने वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर्षपूर्वक घोषणा की है कि अक्षत श्रीवास्तव (कक्षा 12वीं) एवं सुमंत गुप्ता (कक्षा 11वीं) का चयन 19वें इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता हनोई, वियतनाम में 25 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।
इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 विश्व की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भाग लेते हैं तथा इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
यह नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि भारतीय दल के 5 सदस्यों में से 2 विद्यार्थी नारायणा प्रोडिजी से चयनित हुए हैं। यह उपलब्धि इंस्टीट्यूट की उच्च स्तरीय शैक्षणिक तैयारी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अक्षत श्रीवास्तव ने ओसीएससी में समग्र प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए प्रतिष्ठित सी. एल. भट्ट स्मृति पुरस्कार अर्जित किया, जबकि सुमंत गुप्ता ने ओसीएससी में सैद्धांतिक श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान को गौरवान्वित किया।
श्री राकेश यादव, वाईस प्रेसीडेंट ने कहा कि अक्षत और सुमंत ने अपने परिश्रम, जिज्ञासा तथा वैज्ञानिक प्रतिभा के माध्यम से उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि केवल नारायणा परिवार ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। हमें पूर्ण विश्वास है कि दोनों विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम गौरवान्वित करेंगे।
शरानी पोंगडू, डायरेक्टर, नारायणा ग्रुप ने कहा,
नारायणा में हम प्रारंभिक स्तर से ही जिज्ञासा, अनुशासन और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विकसित करने में विश्वास रखते हैं। अक्षत और सुमंत की यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत तथा उस शैक्षणिक संस्कृति का परिणाम है, जिसे हम निरंतर सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। हम दोनों विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि वे आई ओ ए ए 2026 में वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाएँगे।
नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स निरंतर नवाचार आधारित शिक्षा, ओलंपियाड प्रशिक्षण तथा परिणामोन्मुख शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की उपलब्धियों हेतु तैयार कर रहा है।
नारायणा के दो विद्यार्थियों का इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में चयन
मोहाली 14 मई 2026: नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स ने वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर्षपूर्वक घोषणा की है कि अक्षत श्रीवास्तव (कक्षा 12वीं) एवं सुमंत गुप्ता (कक्षा 11वीं) का चयन 19वें इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता हनोई, वियतनाम में 25 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।
इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 विश्व की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भाग लेते हैं तथा इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
यह नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि भारतीय दल के 5 सदस्यों में से 2 विद्यार्थी नारायणा प्रोडिजी से चयनित हुए हैं। यह उपलब्धि इंस्टीट्यूट की उच्च स्तरीय शैक्षणिक तैयारी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अक्षत श्रीवास्तव ने ओसीएससी में समग्र प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए प्रतिष्ठित सी. एल. भट्ट स्मृति पुरस्कार अर्जित किया, जबकि सुमंत गुप्ता ने ओसीएससी में सैद्धांतिक श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान को गौरवान्वित किया।
श्री राकेश यादव, वाईस प्रेसीडेंट ने कहा कि अक्षत और सुमंत ने अपने परिश्रम, जिज्ञासा तथा वैज्ञानिक प्रतिभा के माध्यम से उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि केवल नारायणा परिवार ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। हमें पूर्ण विश्वास है कि दोनों विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम गौरवान्वित करेंगे।
शरानी पोंगडू, डायरेक्टर, नारायणा ग्रुप ने कहा,
नारायणा में हम प्रारंभिक स्तर से ही जिज्ञासा, अनुशासन और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विकसित करने में विश्वास रखते हैं। अक्षत और सुमंत की यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत तथा उस शैक्षणिक संस्कृति का परिणाम है, जिसे हम निरंतर सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। हम दोनों विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि वे आई ओ ए ए 2026 में वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाएँगे।
नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स निरंतर नवाचार आधारित शिक्षा, ओलंपियाड प्रशिक्षण तथा परिणामोन्मुख शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की उपलब्धियों हेतु तैयार कर रहा है।
नारायणा के दो विद्यार्थियों का इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में चयन
मोहाली 14 मई 2026: नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स ने वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर्षपूर्वक घोषणा की है कि अक्षत श्रीवास्तव (कक्षा 12वीं) एवं सुमंत गुप्ता (कक्षा 11वीं) का चयन 19वें इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 हेतु भारतीय दल में हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता हनोई, वियतनाम में 25 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।
इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईओएए) 2026 विश्व की सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भाग लेते हैं तथा इंटरनेशनल ओलंपियाड ऑन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
यह नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि भारतीय दल के 5 सदस्यों में से 2 विद्यार्थी नारायणा प्रोडिजी से चयनित हुए हैं। यह उपलब्धि इंस्टीट्यूट की उच्च स्तरीय शैक्षणिक तैयारी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अक्षत श्रीवास्तव ने ओसीएससी में समग्र प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए प्रतिष्ठित सी. एल. भट्ट स्मृति पुरस्कार अर्जित किया, जबकि सुमंत गुप्ता ने ओसीएससी में सैद्धांतिक श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान को गौरवान्वित किया।
श्री राकेश यादव, वाईस प्रेसीडेंट ने कहा कि अक्षत और सुमंत ने अपने परिश्रम, जिज्ञासा तथा वैज्ञानिक प्रतिभा के माध्यम से उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि केवल नारायणा परिवार ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। हमें पूर्ण विश्वास है कि दोनों विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम गौरवान्वित करेंगे।
शरानी पोंगडू, डायरेक्टर, नारायणा ग्रुप ने कहा,
नारायणा में हम प्रारंभिक स्तर से ही जिज्ञासा, अनुशासन और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विकसित करने में विश्वास रखते हैं। अक्षत और सुमंत की यह उल्लेखनीय उपलब्धि उनकी कठिन मेहनत तथा उस शैक्षणिक संस्कृति का परिणाम है, जिसे हम निरंतर सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। हम दोनों विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं और आशा करते हैं कि वे आई ओ ए ए 2026 में वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाएँगे।
नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स निरंतर नवाचार आधारित शिक्षा, ओलंपियाड प्रशिक्षण तथा परिणामोन्मुख शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की उपलब्धियों हेतु तैयार कर रहा है।

