#bnnindianews l, चंडीगढ़ नगर निगम की 361वीं हाउस मीटिंग में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को बिना किसी चर्चा के पारित किए जाने पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को भाजपा और कांग्रेस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नगर निगम को ‘भ्रष्टाचार पासिंग सेंटर’ और ‘रबर स्टैम्प संस्था’ करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि शहर के लोकतांत्रिक ढांचे को दरकिनार कर जनता के पैसे की बंदरबांट की जा रही है।
नियमों को ताक पर रखकर सप्लीमेंट्री एजेंडे लाने का आरोप
आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा कि हाउस मीटिंग अब केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि बैठक का एजेंडा पार्षदों को कम से कम 48 घंटे पहले मिलना चाहिए ताकि वे विकास कार्यों का अध्ययन कर सकें। इसके विपरीत, देर रात सप्लीमेंट्री एजेंडे भेजे जाते हैं और अगली सुबह बिना किसी बहस के करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पास कर दिए जाते हैं। विजयपाल सिंह के मुताबिक, हालिया बैठक में लगभग 190 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें से अधिकतर ‘टेबल एजेंडा’ के रूप में अंतिम समय पर लाए गए थे।
अहम परियोजनाओं की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
आप नेताओं ने उन विशिष्ट परियोजनाओं का विवरण पेश किया, जिन्हें बिना विस्तृत चर्चा के हरी झंडी दी गई। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
48.88 करोड़ रुपये: मल्टीस्पीशीज अबेटॉयर कॉम्प्लेक्स का आधुनिकीकरण।
16.62 करोड़ रुपये: सेक्टर-17 मल्टी-लेवल पार्किंग का पुनर्निर्माण।
24.69 करोड़ रुपये: एक अन्य पार्किंग परियोजना।
10 करोड़ रुपये: रोड री-कार्पेटिंग का प्रस्ताव।
नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह बटेरेला ने कहा कि निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि करोड़ों के प्रस्तावों को बिना शीर्षक पढ़े ही पारित किया जा रहा है, जो पार्षदों के अधिकारों का हनन है।
डंपिंग ग्राउंड और कचरा प्रबंधन पर तीखा प्रहार
पूर्व मेयर कुलदीप कुमार ढालोर ने शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘डंपिंग ग्राउंड’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस पर अब तक 202 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस केवल निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, जबकि जनता को जहरीले कचरे से राहत नहीं मिली है।
वहीं, मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा ने सफाई और सीवरेज व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि जब मौजूदा पार्किंग स्थल खाली पड़े हैं, तो 40 करोड़ रुपये की नई पार्किंग परियोजनाओं की क्या आवश्यकता है? ‘आप’ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एजेंडे पास करने की यह प्रक्रिया नहीं बदली गई, तो पार्टी राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करेगी और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
नगर निगम विवाद : करोड़ों के एजेंडे बिना चर्चा पास: ‘आप’ ने नगर निगम को बताया ‘भ्रष्टाचार पासिंग सेंटर’

