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महिलाओं का जन आक्रोश फूटा: मौली जागरा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मशाल पदयात्रा, कांग्रेस और सहयोगी दलों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

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दिनांक: 30 अप्रैल 2026

चंडीगढ़ के मौली जागरा क्षेत्र में आज महिलाओं के नेतृत्व में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में एक प्रभावशाली जन आक्रोश मशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों के खिलाफ अपना तीव्र विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में वोट कर नारी शक्ति का अपमान किया है, जिसे देश की महिलाएं कभी स्वीकार नहीं करेंगी।

यह मशाल पदयात्रा सामुदायिक केंद्र, मौली जागरा के बाहर से शुरू होकर शिव मंदिर, मौली जागरा तक निकाली गई। पूरे मार्ग में महिलाओं ने हाथों में मशालें लेकर और जोरदार नारों के साथ अपने आक्रोश को व्यक्त किया। “नारी शक्ति का सम्मान करो”, “महिला विरोधी सोच नहीं चलेगी” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। महिलाओं का उत्साह और एकजुटता इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत रही।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप महापौर सुमन अमित शर्मा उपस्थित रहीं। उनके साथ पूर्व उप महापौर एवं प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष हीरा नेगी, श्रीमती निशा शर्मा, श्रीमती फरमिला, श्रीमती संदीप कौर, श्रीमती मंजू वर्मा, किरण, ज्योति, राधा बिष्ट और सोनिया अटवाल सहित कई प्रमुख महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका समर्थन किया।

उप महापौर सुमन अमित शर्मा ने अपने संबोधन में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसका विरोध कर यह साबित कर दिया कि वे केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करते हैं।

सुमन अमित शर्मा ने आगे कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे ऐसे दलों को करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सभी महिलाओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर नारी सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के अंत में शिव मंदिर परिसर में सभी महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस विशाल भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि चंडीगढ़ की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेंगी।

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