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चंडीगढ़, 24 अप्रैल। सुप्रीम कोर्ट एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट व काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आयोजित 7वें लॉ कॉन्वोकेशन में मास्टर ऑफ लॉ (एलएलएम) की डिग्री प्राप्त की। इस अवसर पर लॉ कमीशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस दिनेश महेश्वरी की गरिमामयी उपस्थिति रही में उन्हें यह डिग्री प्रदान की गई।
एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण और गर्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए अत्यंत समृद्ध अनुभव रही है और उनके कानूनी सफर में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वे आगे पीएचडी कर रहे हैं जिससे न्यायिक प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दिया जा सके। इस अवसर पर एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने अपने दादा स्वर्गीय डॉ. राममूर्ति को स्मरण करते हुए बताया कि उन्होंने 1950 के दशक में पंजाब यूनिवर्सिटी से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और राजनीतिक विज्ञान में एम.ए. की डिग्रियां प्राप्त की थीं। उन्होंने कहा कि अपने दादा के पदचिन्हों पर चलते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करना उनका सपना था, जो आज साकार हुआ है।
उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। एडवोकेट शांडिल्य ने कहा कि उनका लक्ष्य कानूनी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूना है, ताकि देश की न्यायिक प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। इस उपलब्धि पर कानूनी जगत के गणमान्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

