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चंडीगढ़, दिनांक: 24-04-2026
आज मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज का 28वां मर्यादा दिवस (दीक्षा दिवस) अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे मुनि श्री के पाद प्रक्षालन से हुआ, जिसमें 28 जोड़ों ने उनके चरणों का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात मंगलाचरण का आयोजन किया गया।

इस पावन अवसर पर अम्बाला, लुधियाना, जगराओं, मेरठ, दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्तियों का चंडीगढ़ जैन समाज द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा गुरु पूजा की गई तथा 28 जोड़ों द्वारा मुनि श्री को शास्त्र भेंट किए गए।
इसके उपरांत मुनि श्री को नवीन पिच्छी अर्पित की गई। पिच्छी मोर पंखों से बनी एक छोटी झाड़ू की तरह होती है, जो जैन मुनियों के अत्यंत सीमित साधनों में से एक है। यह पीछी भेंट करने का सौभाग्य श्री प्रमोद जैन सेक्टर 2० को प्राप्त हुआ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा एवं श्री अजय जैन एडवोकेट, रहे। अपने संबोधन में उन्होंने दिगंबर जैन मुनियों के जीवनशैली एवं उनके उपदेशों की सराहना की।
मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में अपने जीवन की प्रेरणादायक यात्रा — विनोद कुमार जैन से मुनि बनने तक — का वर्णन किया। आपका जन्म 23 अक्टूबर 1980 को भिंड (मध्य प्रदेश) में श्री संतोष लाल जैन एवं श्रीमती कमलावती जैन के परिवार में हुआ। आपने वर्ष 1999 में आचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में दीक्षा ग्रहण की, जिसके पश्चात आपको “प्रतीक सागर महाराज” नाम प्राप्त हुआ।
मुनि श्री कल से पंजाब की ओर विहार प्रारंभ करेंगे, जिसमें वे लुधियाना, अमृतसर, जालंधर आदि स्थानों का भ्रमण करेंगे।
इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन सोसाइटी, चंडीगढ़ के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य, साथ ही पंचकूला एवं जीरकपुर से भी अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंच संचालन एडवोकेट श्री आदर्श जैन एवं श्री संत कुमार जैन (महा मंत्री श्री दिगम्बर जैन सोसाइटी, चंडीगढ़ ) ने किया।
कार्यक्रम के अंत में श्री धर्म बहादुर जैन, अध्यक्ष, श्री दिगंबर जैन सोसाइटी, चंडीगढ़ ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। तत्पश्चात सभी ने सामूहिक प्रीतिभोज का आनंद लिया।