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सुदर्शन क्रिया से जीवन में आया परिवर्तन: डॉ. विजय सिंगला ने साझा किया अनुभव

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चंडीगढ़/पंजाब: प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था The Art of Living Foundation से जुड़े सुदर्शन क्रिया अभ्यास को लेकर डॉ. विजय सिंगला ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह श्वास की साधारण लगने वाली प्रक्रिया जीवन में गहरा परिवर्तन ला सकती है।

सुदर्शन क्रिया के जनक Sri Sri Ravi Shankar के अनुसार, “हर भावना की अपनी एक श्वास लय होती है, और श्वास के माध्यम से मन और भावनाओं को संतुलित किया जा सकता है।” इसी सिद्धांत पर आधारित यह तकनीक आज दुनियाभर में लाखों लोगों द्वारा अपनाई जा रही है।

डॉ. विजय सिंगला ने बताया कि वर्ष 1997 में जब उन्होंने The Art of Living Foundation से जुड़कर सुदर्शन क्रिया का अभ्यास शुरू किया, तब वे मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद खालीपन महसूस कर रहे थे। नियमित अभ्यास के बाद उन्होंने अपने भीतर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्पष्टता का अनुभव किया।

उन्होंने आगे कहा कि इस तकनीक के माध्यम से न केवल मानसिक तनाव में कमी आती है, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

डॉ. सिंगला ने अपनी यात्रा से प्रेरित होकर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया और अब वे लोगों को सुदर्शन क्रिया सिखा रहे हैं। उनके अनुसार, इस अभ्यास से लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है, सोच सकारात्मक होती है और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि सुदर्शन क्रिया एक सरल लेकिन वैज्ञानिक तकनीक है, जिसके लाभ नियमित अभ्यास से जल्दी महसूस किए जा सकते हैं। यह शरीर, मन और ऊर्जा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को गहरी शांति और संतुलन प्रदान करती है।

जो लोग इस अनुभव को स्वयं महसूस करना चाहते हैं, वे The Art of Living Foundation द्वारा आयोजित हैप्पीनेस प्रोग्राम में भाग ले सकते हैं, जहां श्वास, ध्यान और प्राणायाम की विभिन्न तकनीकों के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने का मार्ग सिखाया जाता है।

संपर्क:
डॉ. विजय सिंगला
मोबाइल: +91 9876294461

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