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चंडीगढ़:
भारत सरकार के नॉर्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर (पटियाला) द्वारा आयोजित “वैसाखी उत्सव-2026” के दूसरे दिन कलाग्राम में उत्साह और उल्लास दोगुना देखने को मिला। दो दिवसीय इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन में पंजाब की समृद्ध लोक परंपराओं और रंग-बिरंगी विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की गई।

उत्सव के दूसरे दिन शमींदर शम्मी और देश राज लचखानी के ढाडी फोक ने मंच पर अपना शानदार जलवा बिखेरा, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
वहीं, पारंपरिक लोक वाद्यों की मधुर धुनों और मलवाई गिद्धा की मनमोहक प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इसके साथ ही विभिन्न कलाकारों ने पंजाब की प्रसिद्ध लोक विधाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
पंजाबी लोक नृत्य, जो विश्वभर में अपनी ऊर्जा और रंगत के लिए जाना जाता है, ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। गतका, झूमर, जिंदुआ, लुड्डी और भांगड़ा की जीवंत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके अलावा, बाजीगर कला, घूमर, फाग और भांड-मिरासी जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और लोक संस्कृति की विविधता को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन संजीव शाद ने प्रभावशाली ढंग से किया।
इस अवसर पर एनज़ेडसीसी के डायरेक्टर फुरकान खान ने कहा, “यह उत्सव सिर्फ वैसाखी की खुशियों का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक प्रभावी माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा वर्ग अपनी जड़ों से जुड़ता है और अपनी विरासत पर गर्व महसूस करता है।”