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चंडीगढ़:
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर से जुड़े अहम मुद्दों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब हर माह क्रॉफ़्ड के साथ रिव्यू मीटिंग की जाएगी, ताकि रेजिडेंट्स की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके। हर माह बुधवार 1 घंटे की करेंगे मीटिंग
उन्होंने हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई पर स्पष्ट किया कि केवल सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को ही हटाया गया है और यह कार्रवाई Contempt of Court के आदेशों के तहत की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में रेजिडेंट्स खुद कोर्ट गए थे।
टूटी सड़कों के मुद्दे पर प्रशासक ने बताया कि उन्होंने स्वयं केंद्र सरकार से बात कर नगर निगम को 125 करोड़ रुपये दिलवाए हैं, जिससे सड़कों की स्थिति सुधारी जाएगी।
ला एंड ऑर्डर पर सख्ती दिखाते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि अपराधियों को शहर की सीमा के भीतर ही पकड़ लिया जाए, ताकि कानून व्यवस्था मजबूत हो सके।
पानी की समस्या पर उन्होंने नागरिकों को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर लोग टंकियां भरने और कार धोने में पानी की बर्बादी कम करें, तो जल आपूर्ति बेहतर हो सकती है।
मेट्रो परियोजना पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि महंगी मेट्रो के बजाय इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना ज्यादा व्यावहारिक है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि जरूरत पड़े तो इलेक्ट्रिक बस सेवा नागरिकों को मुफ्त दी जा सकती है, जो मेट्रो के खर्च से भी सस्ती पड़ेगी।
साथ ही उन्होंने नागरिकों और अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा कि एक दिन सभी को पैदल या साइकिल से चलकर शहर की स्थिति का अनुभव करना चाहिए।
इस मौके पर हितेश पुरी ने कानून व्यवस्था, सीनियर सिटीजन और हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

