टाइकोन चंडीगढ़ 2026 एमएसएमई और स्वास्थ्य सेवा में स्टार्टअप्स, समय की आवश्यकता: पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा

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मोहाली को पंजाब की सिलिकॉन वैली के रूप में विकसित करने पर जोर, जिससे पंजाब के आईटी इकोसिस्टम में बदलाव आएगा

चंडीगढ़, 11 अप्रैल: यह बताते हुए कि हमारे जीडीपी का लगभग 30% हिस्सा एमएसएमई इकाइयों से आता है, जो 30 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं, पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने शनिवार को कहा कि निवेशकों के लिए एमएसएमई इकाइयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्टार्टअप्स शुरू करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

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उन्होंने कहा, “इसी तरह, सस्ती सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में भी स्टार्टअप्स की आवश्यकता है, ताकि जरूरतमंद और कमजोर वर्गों तक व्यापक पहुंच और समय पर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।” यह विचार उन्होंने यहां टाईकॉन चंडीगढ़ 2026 के दूसरे दिन साझा किए।

उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर काम करके नए और अनुभवी निवेशक आसानी से सफलता पा सकते हैं। अरोड़ा, जो बिजली विभाग भी संभालते हैं, ने बताया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार स्टार्टअप्स को सफल बनाने के लिए पूरी तरह सहयोग कर रही है।

अरोड़ा ने कहा, “मोहाली को पंजाब की सिलिकॉन वैली के रूप में विकसित करना हमारे राज्य में उच्च स्तरीय आईटी बुनियादी ढांचे और नवाचार तंत्र को मजबूत करेगा।”

सभी हितधारकों को सरकार के सक्रिय सहयोग का आश्वासन देते हुए अरोड़ा ने कहा कि पिछले वर्ष पंजाब सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए सीड मनी को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है।

उन्होंने कहा, “पिछले वर्ष हमने स्टार्टअप्स को 6 करोड़ रुपये वितरित किए थे, और इस वर्ष कोई ऊपरी सीमा नहीं है—हम सभी योग्य स्टार्टअप्स को मंजूरी देंगे।”

हर साल ‘सिटी ब्यूटीफुल’ में आयोजित होने वाला टाई चंडीगढ़ अब क्षेत्र का सबसे बड़ा उद्यमशील सम्मेलन और वर्ष का सबसे प्रतीक्षित आईटी कार्यक्रम बन चुका है, जहां स्थापित निवेशक, उभरते उद्यमी और आईटी व संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े लोग एक साथ आते हैं। पिछले वर्ष आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के आईटी उद्योग के नेताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी भी देखने को मिली थी।

इससे पहले, अपने स्वागत भाषण में टाइ चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा ने कहा कि स्टार्टअप पंजाब का टाइ चंडीगढ़ के साथ जुड़ाव 2016 से है, जब टाई चंडीगढ़ की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा, “हम पंजाब सरकार के आभारी हैं, जो हमारे सभी प्रयासों में सहयोग करती रही है, ताकि पंजाब को अधिक मजबूत और आईटी-आधारित बनाया जा सके।”

उद्योग से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में हमेशा सक्रिय रहने के लिए कैबिनेट मंत्री का धन्यवाद करते हुए टाई चंडीगढ़ के वाईस प्रेसिडेंट ब्रह्म अलेरेजा ने कहा कि पंजाब सरकार के योगदान को गिनाने में वह बहुत कुछ कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और टाई चंडीगढ़ मिलकर पंजाब को सबसे पसंदीदा आईटी गंतव्य बनाने के लिए सक्रिय साझेदार और सहयोगी हैं।

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