#bnnindianews
डॉ. कमल सोई ने समयबद्ध एचएसआरपी लागू करने की मांग की
चंडीगढ़, 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लागू न होने का मुद्दा गंभीर रूप लेता जा रहा है। इसके चलते नंबर प्लेट की डुप्लीकेसी, वाहन पहचान का दुरुपयोग और निर्दोष नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टैंपर-प्रूफ नंबर प्लेट की कमी ने अपराधियों के लिए क्लोन नंबर प्लेट का इस्तेमाल आसान बना दिया है, जिससे लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के लिए अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. कमल सोई, चेयरमैन, राहत– द सेफ कम्युनिटी फाउंडेशन और सोसाइटी फॉर करप्शन फ्री इंडिया (एससीएफआई), ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई और इसे जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
डॉ. सोई भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य भी हैं और देशभर में सड़क सुरक्षा नीति एवं दुर्घटना रोकथाम से जुड़े कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज एक निर्दोष वाहन मालिक को ऐसे अपराध के लिए पुलिस नोटिस मिल सकता है, जो उसने किया ही नहीं, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसके वाहन नंबर की नकल कर उसका दुरुपयोग किया गया। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ अन्याय है।
डॉ. सोई ने बताया कि पंजाब एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जहां पहले से ही नशा तस्करी, आतंकवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे में कमजोर वाहन पहचान प्रणाली सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा और जन सुरक्षा को प्रभावित करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अन ऑथराइज्ड डीलर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो खुलेआम फर्जी या नियमों के अनुरूप न होने वाली नंबर प्लेट लगा रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजारों में भी नकली नंबर प्लेट आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे पूरी प्रणाली का उद्देश्य कमजोर हो रहा है।
उनके अनुसार, कमजोर एनफोर्समेंट के कारण नंबर प्लेट की नकल, क्लोन पहचान के साथ अपराध, निर्दोष वाहन मालिकों की कानूनी परेशानी और रजिस्ट्रेशन प्रणाली की विश्वसनीयता में गिरावट देखने को मिल रही है।
सुधार के तहत, परिवहन विभाग ने अब प्री-2019 वाहनों के लिए अधिकृत डीलरों के माध्यम से एसआईएएम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया को विस्तारित किया है।
डॉ. सोई ने सलाह दी कि नागरिक केवल आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें। इसके लिए www.siam.in वेबसाइट पर जाकर वाहन का विवरण भरें, अधिकृत डीलर का चयन करें और अपनी सुविधा के अनुसार तारीख व समय तय करें। भुगतान केवल ऑनलाइन करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे और नकद लेनदेन से बचा जा सके। अपॉइंटमेंट के बाद निर्धारित डीलरशिप पर एचएसआरपी लगवाई जा सकती है। यह प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी है ।
एचएसआरपी प्लेट में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव तकनीक भी होती है, जिससे रात में लगभग 200 मीटर तक विजिबिल्टी बढ़ती है और सड़क सुरक्षा में सुधार होता है।
डॉ. सोई ने सरकार और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों से अपील की कि वे तुरंत सख्त कदम उठाएं, जिसमें अवैध डीलरों पर कार्रवाई, नकली प्लेट की ऑनलाइन बिक्री पर निगरानी, कड़े दंड के साथ सख्त एनफोर्समेंट और 100 फीसदी एचएसआरपी लागू करने के लिए समयबद्ध योजना शामिल हो।

