#bnnindianews- कारीगरी का पारंपरिक आंगन और 20 तरह की ब्रेड बनी आकर्षण का केंद्र
– फराह खान का पसंदीदा ग्रीन बटर चिकन मीनू का बना हिस्सा
चंडीगढ़, 3 अप्रैल
मशहूर सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने सेक्टर 26 चंडीगढ़ में अपना 12वां रेस्टोरेंट ‘कारीगिरी’ लॉन्च किया है। पंजाबी संस्कृति और खाने के गहरे रिश्ते को समझते हुए उन्होंने इस नए आउटलेट में कई अनोखे कॉन्सेप्ट शामिल किए हैं, जो इसे खास बनाते हैं। शेफ सोखी का मानना है कि पंजाब में खाने का एक अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा, “लोग सुबह उठते ही खाने के बारे में सोचते हैं और एक भोजन के बाद अगले की तैयारी शुरू हो जाती है। यही पंजाब की पहचान है और यही वजह है कि यह क्षेत्र हमारे लिए हमेशा रोमांचक रहेगा।”
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के इस नए रेस्टोरेंट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘आंगन कॉन्सेप्ट’ है। “पहली बार हमने रेस्टोरेंट के अंदर ही एक आंगन तैयार किया है, जिससे हमें एक खूबसूरत और पारंपरिक डिजाइन प्रस्तुत करने का मौका मिला,” उन्होंने कहा।
इंटीरियर के मामले में भी ‘कारीगिरी’ काफी अलग है। यहां एक खास ‘ब्रेड बार’ तैयार किया गया है, जिसमें 20 तरह की रोटियों और उनसे जुड़ी 20 कहानियां शामिल हैं। शेफ सोखी के अनुसार, “हम हमेशा अपनी रोटियों के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार हमने इसे एक नए स्तर पर ले जाते हुए ब्रेड ( रोटियों)को कहानी के साथ पेश किया है।”
मेन्यू की बात करें तो इसमें पारंपरिक स्वाद के साथ नए प्रयोग भी देखने को मिलते हैं। खास तौर पर ‘बटर चिकन’ के तीन अलग-अलग वेरिएंट—क्लासिक, व्हाइट और हरे टमाटर वाला बटर चिकन—लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘ग्रीन बटर चिकन’ को मेन्यू में शामिल करने की प्रेरणा उन्हें तब मिली जब मशहूर फिल्म निर्माता-कोरियोग्राफर फराह खान उनके घर आईं और इस डिश को बेहद पसंद किया।
शेफ सोखी ने कहा कि उनका मेन्यू सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ‘स्टोरीटेलिंग मेन्यू’ है। “मेरी यात्राएं, टीवी शो, मां की रसोई, पिता के पसंदीदा व्यंजन, सास और पत्नी की रेसिपी—ये सभी मिलकर एक ऐसा अनुभव तैयार करते हैं, जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं,” उन्होंने बताया।
उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में लोग सिर्फ खाना नहीं, बल्कि एक पूरा अनुभव चाहते हैं—जहां वे स्वाद के साथ-साथ कहानियों, माहौल और संस्कृति को भी महसूस कर सकें।
रेस्टोरेंट के इंटीरियर को भी खास तौर पर पंजाबी विरासत से जोड़ा गया है। यहां कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को समर्पित दीवारें बनाई गई हैं, जिनमें कुम्हार, बर्तन बनाने वाले, फुलकारी कढ़ाई करने वाले और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों को दर्शाया गया है। यह सब मिलकर ‘कारीगिरी’ को सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बनाते हैं।

