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चंडीगढ़, 9 मार्च: नशे की लत से जूझ रहे लोगों तक सहायता और जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से सोसाइटी ऑफ सर्विस नारकोटिक्स एनोनिमस (सोसोना ), जिसे नारकोटिक्स एनोनिमस (एनए) इंडिया के नाम से भी जाना जाता है, ने सोमवार को सेक्टर-27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता आयोजित की जिसमें सोसोना रीजनल टेबल कॉन्फ्रेंस की घोषणा की गई, जो 9 से 11 मार्च तक सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में आयोजित होगी।
आगामी कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न हिस्सों से नारकोटिक्स एनोनिमस के स्वयंसेवक और सदस्य भाग लेंगे। इस दौरान नशा मुक्ति सेवाओं को और मजबूत बनाने, जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों तक आशा और मदद का संदेश पहुंचाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस मौके पर सोसोना के चेयरपर्सन करमवीर सिंह ने कहा कि संगठन नशा मुक्ति के सरल लेकिन प्रभावशाली संदेश को फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा की नारकोटिक्स एनोनिमस का मानना है कि कोई भी नशे का आदी व्यक्ति ड्रग्स का इस्तेमाल छोड़ सकता है, उसका उपयोग करने की इच्छा खत्म कर सकता है और जीवन जीने का नया रास्ता खोज सकता है। रीजनल टेबल कॉन्फ्रेंस जैसे आयोजनों और निरंतर सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से एनए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नशे से जूझ रहे लोगों तक यह संदेश पहुंचे कि रिकवरी संभव है और सहायता उपलब्ध है।
नारकोटिक्स एनोनिमस एक वैश्विक, गैर-लाभकारी संगठन है, जिसमें नशे से उबर चुके लोग एक-दूसरे का सहयोग करते हुए 12-स्टेप रिकवरी प्रोग्राम के माध्यम से नशामुक्त जीवन जीने का प्रयास करते हैं। यह संगठन “एक नशेड़ी दूसरे नशेड़ी की मदद करे” के सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसमें आपसी सहयोग, अनुभव साझा करना और प्रोत्साहन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस संगठन की सदस्यता उन सभी लोगों के लिए खुली है जो नशा छोड़ना चाहते हैं और इसके लिए किसी प्रकार की फीस या सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता।
विश्व स्तर पर नारकोटिक्स एनोनिमस के 140 से अधिक देशों में हर सप्ताह 72,000 से ज्यादा बैठकें आयोजित होती हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े पीयर-सपोर्ट रिकवरी नेटवर्क में से एक बन गया है। भारत में इसकी शुरुआत 1983 में मुंबई में पहली बैठक से हुई थी और पिछले चार दशकों में इसका नेटवर्क लगातार बढ़ा है। वर्तमान में देशभर में 299 समूहों के माध्यम से 471 साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जाती हैं, जो हजारों लोगों को नशामुक्त जीवन की दिशा में सहयोग प्रदान करती हैं।
चंडीगढ़ एरिया पब्लिक इन्फॉर्मेशन चेयर सुमित के अनुसार, स्थानीय स्तर पर भी नारकोटिक्स एनोनिमस का नेटवर्क तेजी से सक्रिय हुआ है। वर्तमान में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में आठ सक्रिय समूह हर सप्ताह 17 बैठकें आयोजित करते हैं। प्रत्येक बैठक में सामान्यतः 40 से 50 सदस्य भाग लेते हैं, जबकि 6 से 8 नए लोग नियमित रूप से अपनी रिकवरी की यात्रा शुरू करने के लिए आते हैं। क्षेत्र में 275 से अधिक सदस्य ऐसे हैं जिनके पास लंबे समय का ‘क्लीन टाइम’ और सेवा का अनुभव है।
ट्राइसिटी क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के विभिन्न स्थानों पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त यूनिटी ग्रुप द्वारा प्रतिदिन शाम 6:30 से 8:00 बजे तक ऑनलाइन बैठकें भी आयोजित की जाती हैं, जिससे लोग वर्चुअल माध्यम से भी इस समुदाय से जुड़ सकते हैं।
चंडीगढ़ का एरिया सर्विस कमेटी अपने विभिन्न समितियों के माध्यम से संस्थानों और समुदाय में सक्रिय रूप से कार्य करता है। हॉस्पिटल्स एंड इंस्टीट्यूशन्स सबकमेटी हर सप्ताह पांच स्थानों पर बैठकें आयोजित करती है, जिनमें पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला, एसपीवाईएम सेक्टर-18 चंडीगढ़ और एसपीवाईएम सेक्टर-66 मोहाली शामिल हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल रोपड़ में शनिवार को एक नई बैठक भी शुरू की जा रही है, जिससे उपचार या पुनर्वास से गुजर रहे लोगों तक पहुंच बढ़ सके।
वहीं पब्लिक रिलेशंस कमेटी क्षेत्र में व्यापक जागरूकता अभियान चलाती है। स्वयंसेवक चंडीगढ़, मोहाली और ज़िरकपुर में पोस्टर, फ्लायर और स्टिकर वितरित करते हैं तथा सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। हाल के कार्यक्रमों में रामदरबार फेज-2, तिरंगा पार्क सेक्टर-17 में ‘ड्रग-फ्री चंडीगढ़’ अभियान के तहत सामाजिक कल्याण विभाग के साथ जागरूकता कार्यक्रम और जीएसएसजी कॉलेज सेक्टर-42 में एनसीसी के सहयोग से प्रस्तुति शामिल हैं।
यह संगठन नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चंडीगढ़ और हरियाणा के सामाजिक कल्याण विभागों के साथ भी सहयोग करता है। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, अंबाला सेंट्रल जेल, मॉडल जेल बुरैल, किशोर गृहों और पंचकूला, अंबाला तथा यमुनानगर के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मोहाली स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ओपिओइड एगोनिस्ट ट्रीटमेंट क्लीनिकों में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
नारकोटिक्स एनोनिमस चंडीगढ़ ने सहायता चाहने वाले लोगों के लिए +91 92177 06222 नंबर पर हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिस पर हर महीने लगभग 30 से 35 कॉल प्राप्त होती हैं। इन कॉल्स के माध्यम से लोगों को बैठकों की जानकारी और रिकवरी से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाता है। संगठन फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय है, ताकि सहायता की तलाश कर रहे लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
संगठन के सदस्यों ने बताया कि नियमित बैठकों, संस्थागत सहयोग और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नशे की समस्या से जूझ रहे हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचे कि रिकवरी संभव है और सहायता उपलब्ध है।
अधिक जानकारी के लिए www.naindia.in या www.nachd.in पर संपर्क किया जा सकता है।

