Site icon

अलकेमिस्ट ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला ने 50 सफल टीएवीआर करने की घोषणा की

WhatsApp Image 2026 02 12 at 16.27.10 1

#bnnindianews
पंचकूला: अलकेमिस्ट ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला ने गुरुवार को 50 सफल ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) करने की घोषणा की।
आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग, ओजस हॉस्पिटल, पंचकूला (अलकेमिस्ट हॉस्पिटल्स, पंचकूला की इकाई) डॉ. रजत दत्ता ने कहा, टीएवीआर एक मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा लगाने वाली) जीवन रक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस के उपचार के लिए किया जाता है, विशेष रूप से उन बुजुर्ग और उच्च-जोखिम वाले मरीजों में जो ओपन-हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होते। इस प्रक्रिया से मरीजों को फ़ास्ट रिकवरी, अस्पताल में कम समय के लिएएडमिशन और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।

डॉ. रजत दत्ता ने आगे कहा की 50 सफल टीएवीआर प्रक्रियाएँ पूर्ण करना हमारी पूरी कार्डियक टीम के लिए गर्व का क्षण है। टीएवीआर ने विशेष रूप से बुजुर्ग और उच्च-जोखिम वाले मरीजों के लिए एओर्टिक वाल्व रोग के उपचार में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। ओजस हॉस्पिटल में हम अत्याधुनिक तकनीक और साक्ष्य-आधारित उपचार प्रोटोकॉल के माध्यम से सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग, अलकेमिस्ट हॉस्पिटल, पंचकूला डॉ. रोहित पारती ने कहा, “यह उपलब्धि हमारी मल्टीडिसिप्लिनरी हार्ट टीम की मजबूती को दर्शाती है, जिसमें इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट, इमेजिंग विशेषज्ञ और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ शामिल हैं।

सीनियर कंसल्टेंट – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एवं इलेक्ट्रो फिजियोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, ने कहा, टीएवीआर उन मरीजों के लिए नई आशा लेकर आया है जिनके पास पहले सीमित उपचार विकल्प थे। यह प्रक्रिया जोखिम को कम करती है, तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है और मरीजों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार लाती है।
सीनियर कंसल्टेंट–इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ. मनीष विनायक, ने कहा, हमारा मुख्य फोकस हमेशा मरीजों की सुरक्षा, सटीकता और दीर्घकालिक परिणामों पर रहा है। प्रत्येक टीएवीआर केस का हमारी हार्ट टीम द्वारा सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जाता है ताकि व्यक्तिगत उपचार योजना सुनिश्चित की जा सके।

Exit mobile version