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केंद्रीय बजट 2026-27 से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती, विकास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा : भाजपा

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#bnnindianews चंडीगढ़ :
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय “कमलम” में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी संजय टंडन ने संबोधित किया। दोनों नेताओं ने केंद्रीय बजट को दूरदर्शी, विकासोन्मुखी और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मजबूत नींव बताया।
प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 यह स्पष्ट करता है कि भारत आज आर्थिक रूप से मजबूत है और निरंतर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए जीडीपी के मुकाबले राजकोषीय घाटे को लगभग 4.5 प्रतिशत तक सीमित रखा है, जो लगातार घट रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार अनावश्यक खर्च नहीं कर रही और आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ नहीं डाल रही है।
उन्होंने कहा कि इससे देश और विदेश के निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, महंगाई का जोखिम कम होता है और बिना आर्थिक दबाव के सतत विकास संभव होता है। निवेश बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था और अधिक स्थिर होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की असली ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पूंजीगत खर्च में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। राज्यों को मिलाकर कुल 17.1 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है, जिसमें रेलवे, सड़कें, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, बिजली, शहरी विकास तथा उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी शामिल है।
उन्होंने बताया कि देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स बनाए जाएंगे, जिनमें दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी शामिल है। इससे यात्रा का समय कम होगा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और क्षेत्रीय संतुलित विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से वस्तुएं सस्ती होंगी, निजी निवेश बढ़ेगा और जीडीपी ग्रोथ को नई गति मिलेगी।
संजय टंडन ने कहा कि बजट में तकनीक को भविष्य की रीढ़ मानते हुए AI, डेटा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्लाउड टेक्नोलॉजी को विशेष प्राथमिकता दी गई है। डेटा सेंटर में निवेश करने वाली कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देने का निर्णय ऐतिहासिक है। आईटी और टेलीकॉम सेक्टर के लिए 74,560 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और युवाओं को उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी।
संजय टंडन ने कहा कि बजट में महिलाओं की अगुवाई वाले विकास को विशेष महत्व दिया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए “She Marts” बनाए जाएंगे, जिससे महिलाएं स्वयं अपना कारोबार करेंगी और मुनाफा सीधे उनके हाथ में रहेगा। इससे महिला रोजगार बढ़ेगा, गांवों में खपत बढ़ेगी और घरेलू बचत एवं निवेश को बल मिलेगा। हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था भी की जाएगी।
संजय टंडन ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये और रक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का बजट देश की सुरक्षा और मानव संसाधन को मजबूत करेगा। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आयात घटेगा और निर्यात बढ़ेगा। इससे उच्च कौशल वाली नौकरियां पैदा होंगी और विदेशी मुद्रा देश में आएगी।
संजय टंडन ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 1.04 लाख करोड़ रुपये का बजट आम जनता के लिए राहत लेकर आया है। कैंसर के इलाज में उपयोग होने वाली 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त कर दी गई है, जिससे ये दवाएं 20 से 30 प्रतिशत तक सस्ती होंगी। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच हब विकसित किए जाएंगे तथा नए आयुर्वेद संस्थान और अंतरराष्ट्रीय मानकों की लैब स्थापित होंगी।
संजय टंडन ने कहा कि कृषि बजट 1.62 लाख करोड़ रुपये किसानों को स्थायी आय की दिशा में ले जाने वाला है। नारियल की खेती को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग बढ़ेगी और पलायन में कमी आएगी।
संजय टंडन ने कहा कि एमएसएमई देश में रोजगार की रीढ़ हैं। SME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये और आत्मनिर्भर भारत फंड के लिए 2,000 करोड़ रुपये से छोटे कारोबारियों को आसान कर्ज, समय पर भुगतान और ऑनलाइन सरकारी खरीद का लाभ मिलेगा। इसका असर लगभग 11 करोड़ लोगों के रोजगार, छोटे शहरों के विकास और टैक्स बेस के विस्तार के रूप में दिखाई देगा।
अंत में दोनों नेताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 समावेशी विकास, आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला बजट है।

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